'पहलगाम में सेना न होती तो सब मारे जाते, पुलिस ने नहीं की कोई भी मदद
दिवंगत शुभम के स्वजन ने बताई आतंकी हमले की आपबीती, सेना के पहुंचने पर हुआ सभी को सुरक्षित होने का अहसास 'पहलगाम में सेना न होती तो सब मारे जाते, पुलिस ने नहीं की कोई भी मदद, पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी,
'पहलगाम में सेना न होती तो सब मारे जाते, पुलिस ने नहीं की कोई भी मदद
दिवंगत शुभम के स्वजन ने बताई आतंकी हमले की आपबीती, सेना के पहुंचने पर हुआ सभी को सुरक्षित होने का अहसास
कानपुर: सेना ही सीमा पर देश की सुरक्षा की गारंटी है। समय से सेना के जवान नहीं पहुंचते तो हम सब मारे जाते। सेना के पहुंचते ही त्वरित राहत व बचाव कार्य तेजी से शुरू हो गए। सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। ये कहना है पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी के स्वजन का। उन्होंने वहां की पुलिस पर किसी भी प्रकार की मदद न करने का आरोप लगाया।
शुभम के पिता संजय, पत्नी एशान्या व बहनोई शुभम दुबे का कहना है कि आतंकियों को जम्मू-कश्मीर में पूरा संरक्षण प्राप्त है। पर्यटकों को घुमाने वाले, घोड़े वाले दुकानदार, वहां के लोग व पुलिस भी उनकी मदद व पूरा सहयोग करती है। हमले के बाद नीचे मौजूद वहां की पुलिस से मदद की गुहार लगाई। रोते-बिलखते रहे लेकिन कोई नहीं पसीजा। उल्टे वे हंसकर कह रहे थे कि कहां चली है गोली। थोड़ी देर में पहुंची सेना ने सहमे लोगों को पूरी सुरक्षा व हरसंभव मदद का आश्वासन दिलाया। शुभम के पिता संजय ने कहा-सेना न होती तो हममें से कोई जिंदा बचकर न आ पाता। उन्होंने यह भी बताया कि घोड़े वाले जबरन ऊपर चलने के लिए दबाव बना रहे थे। कह रहे थे जो शादीशुदा हैं, वे जोड़े के साथ ही चलें। पूरी सोची समझी साजिश के तहत हिंदुओं का नरसंहार था।
शुभम के ससुर राजेश पांडेय ने बताया कि जिस समय आतंकियों ने गोलीबारी शुरू की, उस समय वह वहीं बने रेस्टोरेंट के वाशरूम में थे। गोलियों की आवाज सुनकर बाहर भागे। शुभम की पत्नी एशान्या ने उनके सामने मांग रखी कि शुभम ने पहली गोली खाकर न जाने कितनों की जान बचाई है। हिंदू धर्म के लिए उसने वीरगति प्राप्त की। उन्हें बलिदानी का दर्जा मिलना चाहिए। स्वजन ने कहा कि शुभम की पत्नी को उसकी योग्यता के अनुसार प्रदेश सरकार सरकारी नौकरी प्रदान करे
प्रदेश से वापस भेजे गए 100 पाकिस्तानी नागरिक
राब्यू, लखनऊ : पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद किए जाने के निर्णय के बाद उन्हें वापस भेजने का सिलसिला जारी है। प्रदेश से अब तक 100 पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजा जा चुका है। इनमें शार्ट टर्म वीजा पर आए लगभग 50 पाकिस्तानी शामिल हैं। डीजीपी प्रशांत कुमार ने गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप सभी जिलों में कार्रवाई सुनिश्चित कराए जाने का निर्देश दिया है। प्रदेश में कितने पाकिस्तानी नागरिक हैं किस जिले से कितनों को वापस भेजा है, ब्योरा जल्द साझा किया जाएगा।