गले लगाओ, जियो और प्यार करो
गले लगाओ, जियो और प्यार करो, Embrace live and love,
गले लगाओ, जियो और प्यार करो
उम्र के आकाश में आपकी आत्मा चमक रही है। इसे गले लगाओ, जियो और प्यार करो। महत्वपूर्ण यह नहीं कि आप कितना जीते हैं, बल्कि यह है कि कितना महसूस कर पाते हैं।
कितना जात ह, बाल्क यह है कि क्यों थक जाते हैं? हम जो शुरू में इतने जोशीले, साहसी, महान और आस्थावान होते हैं, तीस या पैंतीस की उम्र तक पूरी तरह दिवालिया क्यों हो जाते हैं?
क्यों एक बार गिर जाने के बाद हम उठने की कोशिश नहीं करते और एक चीज खो देने के बाद हम दूसरी चीज की तलाश नहीं करते। असल में हम वृद्धावस्था को नहीं समझते। यह वह समय है, जब हमारी आत्मा की गहराइयों उजागर होती हैं, और हम जीवन के असली मायने समझने लगते हैं।
एंटोन चेखव लोग अक्सर बुजुर्ग की क्षमता पर संदेह करते हैं, जब तक कि वे स्वयं उस स्थिति में नहीं पहुंच जाते। वृद्ध होना कोई बोझ नहीं, बल्कि जीवन का एक ऐसा चरण है, जहां व्यक्ति ने कई अनुभवों से सोखा है, ज्ञान प्राप्त किया है और जीवन की समझ विकसित की है। वृद्ध होने पर दुनिया की भागदौड़ से परे, अपने भीतर को शांति दिखाई देती है। वृद्धावस्था एक आंतरिक यात्रा है, जहां हम अपने अतीत को देखते हैं, अपने जीवन के पुराने पन्ने पलटते हैं, और जीवन में नए अर्थ खोजते हैं। इस समय में हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारी यादें हैं। जब कोई एक उम्र दूसरे शहर में गुजार देता है और फिर वह अपने गृहनगर लौटता है और पाता है कि सब कुछ बदल चुका है, शहर, लोग, और वह खुद भी। फिर भी, उसकी यादें उसे उसकी जड़ों से जोड़े रखती हैं।
मुड़-मुड़ कदख वृद्धावस्था हमें वह अवसर देती है कि हम अपने जीवन की किताब को फिर से पढ़ सकें। उम्र के साथ आने वाली हर रेखा, हर झुर्री, एक कहानी कहती है। इसे डर के रूप में मत देखें। इस उम्र में हमें जीवन की सादगी और गहराई दोनों समझ आती हैं। खुशी इस बात में नहीं कि आप कितना जीते हैं, बल्कि इस बात में है कि आप कितना महसूस करते हैं। वृद्धावस्था और कठिन समय ही लोगों को यह समझाता है कि अपनी भावनाओं और विचारों पर नियंत्रण पाना कितना जरूरी है। जीवन का असली मोल हमारी संवेदनाओं और दूसरों के लिए किए गए अच्छे कार्यों में है। यह वह आकाश है, जहां हमारी आत्मा चमक सकती है। इसे गले लगाओ, जियो, और इसे प्यार करो।