भगवा ध्वज को गुरु मानकर भारत माता की सेवार्थ स्वयंसेवक अपनी सहज साधना करता है

इंदौर। आईटी क्षेत्र में कार्यरत बंधुओं का प्रकट उत्सव रविवार सायं संपन्न हुआ। प्रकट उत्सव में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक मुकुल जी कानिटकर ने कहा कि वर्तमान में मुख्य समस्या मन का नियंत्रण है, जो अत्यंत कठिन है। सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग युवाओं के मनोभाव को प्रभावित कर रहा है। परंतु […] The post भगवा ध्वज को गुरु मानकर भारत माता की सेवार्थ स्वयंसेवक अपनी सहज साधना करता है appeared first on VSK Bharat.

Mar 7, 2026 - 11:29
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भगवा ध्वज को गुरु मानकर भारत माता की सेवार्थ स्वयंसेवक अपनी सहज साधना करता है

इंदौर। आईटी क्षेत्र में कार्यरत बंधुओं का प्रकट उत्सव रविवार सायं संपन्न हुआ। प्रकट उत्सव में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक मुकुल जी कानिटकर ने कहा कि वर्तमान में मुख्य समस्या मन का नियंत्रण है, जो अत्यंत कठिन है। सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग युवाओं के मनोभाव को प्रभावित कर रहा है। परंतु जब आप स्वयं तय करके सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं, तब वह आपके नियंत्रण में रहता है तथा इसका सदुपयोग स्वयं व समाज के लिए सकारात्मक व सार्थक होता है।

अभ्यास व वैराग्य द्वारा ही मन का नियंत्रण संभव है। अभ्यास जब जीवन का अंग बन जाए, तो वह चरित्र निर्माण करता है, क्योंकि आनंद के साथ, नियंत्रण के साथ, निरंतर साधनापूर्क किया अभ्यास सरलता से चरित्र निर्माण करता है। यही शाखा की सहज पद्धति है, जिसमें नियमित सम्मिलित होकर स्वयंसेवक के मन, शरीर व बुद्धि का विकास होता है। शाखा में एक घण्टे का कालखण्ड संकल्प के साथ पूर्ण करके भगवा ध्वज को गुरु मानकर भारत माता की सेवार्थ स्वयंसेवक अपनी सहज साधना करता है। सकारात्मक सोच से ही राष्ट्र निर्माण संभव होगा।

उन्होंने कहा कि हिन्दू संस्कृति, धर्म व समाज को सक्षम बनाकर ही परम वैभव की प्राप्ति होगी। किसी भी विषय या घटना को लेकर समाज में विभाजन नहीं होना चाहिए। सभी समस्याओं का हल संवाद व सद्बुद्धि से सरलता से हो सकता है। हमें आपसी सौहार्द को बढ़ाकर समरस समाज का निर्माण करना है। अपनी कुटुंब व्यवस्था को आधार बनाकर ही सामर्थ्यवान समाज बनेगा। राम, कृष्ण, ध्रुव व प्रह्लाद की कथाओं को बाल्यकाल से सुनकर देश का ऊर्जावान युवा तैयार होता है।

मुकुल जी ने कहा कि पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता प्रत्येक स्तर पर बढ़ाना है तथा स्वदेशी के भाव को समाज में पुनर्स्थापित करना है। नागरिक कर्तव्य व नियमों के पालन में हमें आनंद की अनुभूति होनी चाहिए। पंच परिवर्तन के सभी विषयों को आत्मसात करके स्वयं व परिवार में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।

कार्यक्रम के में मुख्य अतिथि संदीप जी नीमा तथा इन्दौर विभाग संघचालक डॉक्टर मुकेश जी मोढ भी मंचस्थ रहे।

राष्ट्र प्रथम का संकल्प

“राष्ट्र प्रथम” के भाव को लेकर जब प्राध्यापक कार्य करेंगे तो निश्चित ही एक गौरवशाली राष्ट्र का निर्माण होगा। इसी उद्देश्य के साथ डेली कॉलेज के सभागार में प्राध्यापक चिंतन समागम का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ, शहर के विभिन्न कॉलेजों के 550 से अधिक प्राध्यापकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मुकुल कानिटकर ने संघ के 100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का उल्लेख करते हुए राष्ट्र निर्माण के लिए व्यक्तित्व निर्माण के महत्व पर प्रेरक विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि हम सभी प्राध्यापक सौभाग्यशाली हैं, जिन्हें समाज में व्यक्तित्व निर्माण का दायित्व मिला है। प्राध्यापक ही राष्ट्र निर्माण के आधारस्तंभ हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रकाश जी शास्त्री, प्रांत संघचालक ने की। मुख्य अतिथि के रूप में दिलीप कुमार पटनायक उपस्थित रहे।

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