त्रिनिदाद एंड टोबैगो में बनेगा राम मंदिर, हिंदू धरोहर को मिलेगी नई पहचान

त्रिनिदाद एंड टोबैगो सरकार ने राजधानी में राम मंदिर निर्माण की योजना को मंजूरी दी। मंत्री बैरी पदारथ और भारतीय प्रवासी प्रेम भंडारी की पहल से देश हिंदू संस्कृति का नया केंद्र बनेगा।

त्रिनिदाद एंड टोबैगो में बनेगा राम मंदिर, हिंदू धरोहर को मिलेगी नई पहचान

त्रिनिदाद एंड टोबैगो में बनेगा ‘राम मंदिर’, हिंदू धरोहर को मिलेगी नई पहचान

पोर्ट ऑफ स्पेन (त्रिनिदाद एंड टोबैगो):
कैरेबियाई देश त्रिनिदाद एंड टोबैगो अब अपने राजधानी शहर में राम मंदिर बनाने की योजना पर काम कर रहा है। यह कदम देश को हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार ने इस परियोजना के प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त किया है।


????️ सरकार ने मंदिर निर्माण को दी मंजूरी

त्रिनिदाद एंड टोबैगो के लोक उपयोगिता मंत्री बैरी पदारथ (Barry Padarath) ने कहा कि सरकार राम मंदिर निर्माण की पहल का स्वागत करती है और इसे आध्यात्मिक व पर्यटन दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मानती है।

उन्होंने कहा,

“त्रिनिदाद एंड टोबैगो को अक्सर ‘रामायण देश’ कहा जाता है। राम लला की यह पहल हमारे लिए गर्व का विषय है। सरकार इसका समर्थन करती है।”

मंत्री पदारथ ने बताया कि मंदिर परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए सरकार और धार्मिक संगठनों के बीच बातचीत जारी है और आने वाले महीनों में बड़े ऐलान किए जाएंगे।


???? भारतीय प्रवासी समुदाय की भूमिका

न्यूयॉर्क स्थित ‘ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ राम मंदिर’ के संस्थापक प्रेम भंडारी ने इस पहल का समर्थन करते हुए त्रिनिदाद में ‘अयोध्या नगरी’ बनाने का प्रस्ताव दिया है।
यह परियोजना उन श्रद्धालुओं के लिए होगी जो भारत के अयोध्या नहीं जा सकते लेकिन भगवान श्रीराम की भक्ति में जुड़े रहना चाहते हैं।

प्रेम भंडारी ने यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिस्सेसर को प्रस्तुत किया है।


???? राम लला प्रतिमा से शुरू हुई नई आस्था यात्रा

इस वर्ष मई 2025 में अयोध्या के राम मंदिर से लाई गई राम लला की प्रतिकृति मूर्ति को त्रिनिदाद में स्थापित किया गया था।
इस अवसर पर 10,000 से अधिक श्रद्धालु उपस्थित रहे — यह आयोजन प्रेम भंडारी और आयोध्या श्रीराम संगठन (त्रिनिदाद एंड टोबैगो) के चेयरमैन अमित आलघ द्वारा किया गया था।

मंत्री पदारथ ने कहा कि देश आज कैरेबियन का “हिंदू आध्यात्मिक केंद्र” बन चुका है, जहां रामायण पाठ, भागवत कथा जैसी परंपराएं पीढ़ियों से जीवित हैं।


धार्मिक पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा

सरकार इस राम मंदिर परियोजना को तीन प्रमुख उद्देश्यों से देख रही है—

  1. भक्ति और पूजा का केंद्र,

  2. संस्कृति व शिक्षा का स्थल,

  3. धार्मिक पर्यटन का वैश्विक गंतव्य

यह घोषणा दीवाली (20 अक्टूबर) के उत्सव से पहले आई है। त्रिनिदाद एंड टोबैगो में दीवाली एक राष्ट्रीय अवकाश है, जब द्वीपों पर हजारों दीये जलाकर प्रकाश पर्व मनाया जाता है।


???? 5 मुख्य बिंदु

  1. त्रिनिदाद एंड टोबैगो में राम मंदिर निर्माण की योजना पर काम शुरू।

  2. मंत्री बैरी पदारथ ने इसे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अहम बताया।

  3. प्रेम भंडारी ने ‘अयोध्या नगरी’ की अवधारणा प्रस्तुत की।

  4. राम लला प्रतिमा की स्थापना ने देशभर में धार्मिक उत्साह बढ़ाया।

  5. परियोजना से संस्कृति, पर्यटन और वैश्विक हिंदू एकता को बल मिलेगा।