पुलवामा हमला: शौर्य, शहादत और कभी न भूलने वाला वो 'काला दिन'

14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए आतंकी हमले की पूरी जानकारी। जानें कैसे 40 CRPF जवान शहीद हुए, जैश-ए-मोहम्मद का हाथ और भारत की जवाबी बालाकोट एयरस्ट्राइक की कहानी। वीर जवानों को हमारी श्रद्धांजलि।

Feb 14, 2026 - 08:23
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पुलवामा हमला: शौर्य, शहादत और कभी न भूलने वाला वो 'काला दिन'

पुलवामा हमला: शौर्य, शहादत और कभी न भूलने वाला वो 'काला दिन'

  • पुलवामा हमला: 14 फरवरी 2019 की पूरी कहानी और शहीदों की शहादत

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14 फरवरी, जिसे दुनिया प्यार के दिन (Valentine's Day) के रूप में मनाती है, भारत के इतिहास में वह तारीख एक गहरे जख्म की तरह दर्ज है। साल 2019 का वह दिन जब देश ने अपने 40 वीर सपूतों को खो दिया था। आज भी जब पुलवामा का नाम जेहन में आता है, तो हर भारतीय की आंखें नम और सीना गर्व से भर जाता है।

उस दोपहर क्या हुआ था?

14 फरवरी 2019 की दोपहर करीब 3:15 बजे, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर CRPF का एक काफिला गुजर रहा था। इसमें 78 बसें थीं और करीब 2,500 जवान अपनी छुट्टियों के बाद ड्यूटी पर लौट रहे थे। जब यह काफिला पुलवामा के लेथपोरा इलाके में पहुंचा, तभी एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटक से भरी अपनी कार जवानों की बस से टकरा दी।

एक जोरदार धमाका हुआ और पूरा देश दहल उठा। इस कायरतापूर्ण हमले में हमारे 40 CRPF जवान शहीद हो गए।


पूरे देश में आक्रोश की लहर

हमले की खबर मिलते ही पूरा हिंदुस्तान सड़कों पर उतर आया। यह सिर्फ सेना पर हमला नहीं था, बल्कि भारत की संप्रभुता और आत्मा पर चोट थी। हर दिल में सिर्फ एक ही मांग थी— 'बदला'। सरकार और सुरक्षा बलों ने भी साफ कर दिया था कि यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।

नया भारत: घर में घुसकर मारा

शहादत के ठीक 12 दिन बाद, 26 फरवरी 2019 की रात भारतीय वायुसेना के जांबाज मिराज-2000 विमानों ने सीमा पार कर पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। 'ऑपरेशन बंदर' के जरिए भारत ने दुनिया को संदेश दिया कि हम शांति चाहते हैं, लेकिन उकसाने पर करारा जवाब देना भी जानते हैं।


शहीदों को हमारी श्रद्धांजलि

उन वीर जवानों ने देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी। आज हम चैन की सांस इसलिए ले पा रहे हैं क्योंकि वो सरहदों पर तैनात हैं।

"लहू वतन के शहीदों का रंग लाया है, उछल रहा है ज़माने में नाम-ए-आजादी।"

हमें उन वीर परिवारों का भी सम्मान करना चाहिए जिन्होंने अपने बेटों, भाइयों और पिताओं को खोया है। पुलवामा हमला हमें याद दिलाता है कि आजादी की कीमत क्या है और हमें अपनी एकता को कभी कमजोर नहीं होने देना चाहिए।

जय हिंद। जय भारत। ????????

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