क्यों तुम उदास बैठो हो?
Why are you sitting sad? क्यों तुम उदास बैठो हो?
क्यों तुम उदास बैठो हो?
किस बात की चिंता है?
यह जीवन है कर्मपथ का,
तुम कर्मवीर बनो।
देखो, सचर_अचर जीवों को
देखो,सूरज और चिड़ियों को।
सारे अपने कर्म में चुपचाप कर्मरत हैं।
तुम हो मानव हो,
ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति हो।
तब,तुम क्यों निराश बैठे हो?
यह जीवन है कर्मपथ का,
तुम कर्मवीर बनो।
दुनियां वीरों को पूजती हैं।
कर्मवीरों की आरती सजती है।
निराशा और विफलता को ढोने वाला
जीवन पथ पर भटकता है।
कुमार किशन कीर्ति।