जब एयरपोर्ट पर ही सोना पड़ जाता था नुसरत भरूचा को
जब एयरपोर्ट पर ही सोना पड़ जाता था नुसरत को
जब एयरपोर्ट पर ही सोना पड़ जाता था नुसरत भरूचा को
कलाकार अक्सर व्यस्त शेड्यूल के बीच ब्रेक चाहते हैं। वह कहीं घूमने भी निकल जाते हैं लेकिन छोरी 2 फिल्म की अभिनेत्री नुसरत भरूचा ऐसा सोचकर भी नहीं कर पाती हैं। उन्हें खाली बैठना पसंद नहीं है। नुसरत कहती हैं कि हम कलाकारों का काम ऐसा होता है, जब आप काम कर रहे हैं तो आपको लगता है कि सब कुछ सही है लेकिन जब आप काम नहीं कर रहे होते हैं तो बेचैनी हो जाती है। शायद इस पेशे की यही दिक्कत है कि जब हम व्यस्त होते हैं तो इतने होते हैं कि दिन-रात समझ में नहीं आता है। जब खाली हो जाते हैं तो हर घंटा काटता है कि पूरे दिन क्या करूं।
जब कोरोना काल के बाद पहला लाकडाउन खुला ही था और काम पर जाने की इजाजत मिली थी, उसके बाद मैंने डेढ़ सालों में नौ फिल्में शूट कर ली थी। मैं बता नहीं सकती है कि किस सेट से किस सेट पर जा रही हूं। जितनी फिल्मों को मैंने हां बोला था, वह आसपास ही शुरू हो गई थी। दिन में एक शहर में थी तो रात में दूसरे शहर में अलग सेट पर होती थी। मुझे एयरपोर्ट पर ट्रैवल रूम बुक करने पड़ रहे थे। दो घंटा एयरपोर्ट पर सो जाती थी, डेढ़ साल तक यही किया था। मुझे लगा अब योजनाबद्ध तरीके से काम करूंगी लेकिन फिर यही लगता है कि खाली बैठकर भी क्या करूं। बेहतर है काम करते रहूं।