अलविदा आनंद सागर: 'रामायण' की विरासत संभालने वाले दिग्गज का 84 वर्ष की उम्र में निधन
मशहूर फिल्ममेकर और रामानंद सागर के बेटे आनंद सागर चोपड़ा का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से पार्किंसंस बीमारी से जूझ रहे थे। जानें उनके करियर और सागर आर्ट्स की विरासत के बारे में पूरी जानकारी।
अलविदा आनंद सागर: 'रामायण' की विरासत संभालने वाले दिग्गज का 84 वर्ष की उम्र में निधन
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Anand Sagar Dies: रामानंद सागर के बेटे आनंद सागर का 84 वर्ष की उम्र में निधन।
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Option 2: रामायण फेम आनंद सागर का निधन, 12 साल से पार्किंसंस बीमारी से थे पीड़ित।
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भारतीय टेलीविजन इतिहास के सबसे सुनहरे पन्नों को लिखने वाले सागर परिवार से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर फिल्ममेकर और रामानंद सागर के बेटे आनंद रामानंद सागर चोपड़ा अब हमारे बीच नहीं रहे। 13 फरवरी 2026 को 84 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली।
अगर आप 90 के दशक के बच्चे हैं या पौराणिक कहानियों के शौकीन हैं, तो 'सागर आर्ट्स' का नाम आपके लिए किसी इमोशन से कम नहीं होगा। आनंद सागर उसी विरासत के एक मजबूत स्तंभ थे।
लंबे समय से बीमार थे आनंद सागर
मिली जानकारी के मुताबिक, आनंद सागर पिछले 10-12 सालों से पार्किंसंस (Parkinson's disease) नाम की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उम्र के इस पड़ाव पर लंबी बीमारी से लड़ते हुए आखिरकार शुक्रवार को उनका निधन हो गया। उनके जाने की खबर से बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।
परिवार ने दी जानकारी और किया अंतिम संस्कार
सागर परिवार ने एक ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी कर इस दुखद खबर की पुष्टि की। उन्होंने बताया:
"हमें भारी मन से सूचित करना पड़ रहा है कि हमारे प्रिय पिता, आनंद रामानंद सागर चोपड़ा का निधन हो गया है।"
आनंद सागर का अंतिम संस्कार 13 फरवरी 2026 को शाम 4:30 बजे मुंबई के विले पार्ले स्थित पवन हंस हिंदू श्मशान घाट पर किया गया। परिवार ने सभी प्रशंसकों से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने की अपील की है।
आनंद सागर: पिता की विरासत को दिया नया आयाम
रामानंद सागर ने 1987 में जब 'रामायण' बनाई थी, तब उसने देश की सड़कों पर कर्फ्यू जैसा सन्नाटा पैदा कर दिया था। आनंद सागर ने अपने पिता के उसी विजन को आगे बढ़ाया।
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2008 की रामायण: उन्होंने 2008 में 'रामायण' के नए वर्जन के निर्माण में मुख्य भूमिका निभाई, जिसे नई पीढ़ी ने खूब पसंद किया।
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पौराणिक सीरियल्स के किंग: 'अलिफ लैला', 'जय जय बजरंगबली' और 'जय शिवशंकर' जैसे यादगार शोज के पीछे आनंद सागर की मेहनत और समझ शामिल थी।
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फिल्मी सफर: उन्होंने सिर्फ टीवी ही नहीं, बल्कि 'आंखें' और 'अरमान' जैसी फिल्मों के प्रोडक्शन में भी अपना हाथ आजमाया।
लॉकडाउन में फिर दिखा 'सागर मैजिक'
साल 2020 के कोविड लॉकडाउन को भला कौन भूल सकता है? जब पूरी दुनिया घरों में कैद थी, तब रामानंद सागर और उनके बेटों द्वारा तैयार की गई 'रामायण' ने फिर से टीवी पर वापसी की और वर्ल्ड रिकॉर्ड व्यूअरशिप हासिल की। यह इस बात का सबूत था कि आनंद सागर और उनके परिवार ने जो काम किया, वो समय की सीमाओं से परे है।