पंच परिवर्तन केवल विचार नहीं, राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार है – पराग जी अभ्यंकर
गुना, मध्यभारत। संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में स्वर्गीय नाथूलाल मंत्री जन कल्याण न्यास के तत्वाधान में गुना स्थित राजविलास होटल में “प्रमुख जन गोष्ठी” का योजन किया गया। गोष्ठी का उद्देश्य समाज के प्रबुद्ध एवं प्रभावशाली नागरिकों के साथ मिलकर एक सशक्त, समर्थ एवं परम वैभवशाली भारत के निर्माण पर सार्थक विचार-विमर्श करना था। […] The post पंच परिवर्तन केवल विचार नहीं, राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार है – पराग जी अभ्यंकर appeared first on VSK Bharat.
गुना, मध्यभारत। संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में स्वर्गीय नाथूलाल मंत्री जन कल्याण न्यास के तत्वाधान में गुना स्थित राजविलास होटल में “प्रमुख जन गोष्ठी” का योजन किया गया। गोष्ठी का उद्देश्य समाज के प्रबुद्ध एवं प्रभावशाली नागरिकों के साथ मिलकर एक सशक्त, समर्थ एवं परम वैभवशाली भारत के निर्माण पर सार्थक विचार-विमर्श करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मंच पर विभाग संघचालक अशोक जी कुशवाह, जिला संघचालक गिरिराज जी अग्रवाल, नगर संघचालक महेन्द्र संधू जी, मुख्य वक्ता अखिल भारतीय सेवा प्रमुख पराग जी अभ्यंकर उपस्थित रहे।
पराग जी अभ्यंकर ने “पंच परिवर्तन” के पाँच सूत्र कुटुंब प्रबंधन, सामाजिक समरसता, स्वदेशी, पर्यावरण और नागरिक कर्तव्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पंच परिवर्तन केवल विचार नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार हैं। जब तक व्यक्ति इन मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में व्यवहार रूप में नहीं अपनाता, तब तक वास्तविक और स्थायी परिवर्तन संभव नहीं है।
उन्होंने बताया कि कुटुंब प्रबंधन का तात्पर्य परिवार में संवाद, संस्कार और अनुशासन का वातावरण निर्मित करना है, जिससे नई पीढ़ी सुदृढ़ चरित्र एवं राष्ट्रीय चेतना के साथ आगे बढ़े। सामाजिक समरसता समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ते हुए भेदभाव से ऊपर उठकर एकात्मता का संदेश देना है। स्वदेशी का संकल्प आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो स्थानीय उत्पादों, कौशल और संसाधनों के सम्मान एवं प्रोत्साहन को बढ़ावा देता है।
पर्यावरण संरक्षण को आज की अनिवार्य आवश्यकता बताते हुए उन्होंने वृक्षारोपण, जल संरक्षण एवं स्वच्छता जैसे कार्यों को जन-जन का दायित्व बताया। साथ ही नागरिक कर्तव्यों जैसे मतदान, सामाजिक अनुशासन और कानून पालन को राष्ट्र की मजबूती का आधार बताया।
गोष्ठी के दौरान उपस्थित सज्जनों ने विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका मुख्य वक्ता ने विस्तारपूर्वक समाधान किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी नागरिकों से आह्वान किया गया कि पंच परिवर्तन के इन सूत्रों को अपने जीवन में आत्मसात कर राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
इस अवसर पर गुना नगर के प्रबुद्धजन, समाजसेवी, प्रतिष्ठित व्यवसायी, सज्जन शक्ति एवं मातृशक्ति की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
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