संघ का मूल उद्देश्य समाज को संगठित, जागृत और समरस बनाना है – दत्तात्रेय होसबाले जी

भरतपुर, 22 फरवरी। भरतपुर के श्री श्याम एवं प्रेत महाराज मंदिर परिसर खोर, हिसामडा में आयोजित विराट हिन्दू सम्मलेन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि भारत भूमि पर रहने वाले सभी लोग एक ही मातृभूमि की संतान हैं और परिवार भाव से संगठित, समरस तथा परस्पर विश्वास के साथ […] The post संघ का मूल उद्देश्य समाज को संगठित, जागृत और समरस बनाना है – दत्तात्रेय होसबाले जी appeared first on VSK Bharat.

Feb 23, 2026 - 20:22
 0
संघ का मूल उद्देश्य समाज को संगठित, जागृत और समरस बनाना है – दत्तात्रेय होसबाले जी

भरतपुर, 22 फरवरी। भरतपुर के श्री श्याम एवं प्रेत महाराज मंदिर परिसर खोर, हिसामडा में आयोजित विराट हिन्दू सम्मलेन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि भारत भूमि पर रहने वाले सभी लोग एक ही मातृभूमि की संतान हैं और परिवार भाव से संगठित, समरस तथा परस्पर विश्वास के साथ रहेंगे तो भारत स्वतः ही शक्तिशाली और समृद्ध राष्ट्र के रूप में विश्व में सम्मान प्राप्त करेगा। संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर के हजारों गांवों, नगरों में हिन्दू सम्मेलन आयोजित कर समाज में जागरूकता और एकात्मता की भावना को सुदृढ़ किया जा रहा है।

कार्यक्रम में संत काठिया जी महाराज, संत सत्यपाल गिरी जी महाराज, संत मोहनदास जी व अतिथि के रूप में सोनिला गौड़ जी उपस्थित रहे।

सरकार्यवाह जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले सौ वर्षों से समाज संगठन के कार्य में निरंतर सक्रिय है। संघ का मूल उद्देश्य समाज को संगठित, जागृत और समरस बनाना है। किसी भी राष्ट्र की प्रगति केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक आत्मविश्वास से सुनिश्चित होती है।

सामाजिक समरसता समय की आवश्यकता

उन्होंने कहा कि जाति, भाषा, क्षेत्र और पंथ के आधार पर भेदभाव समाज को विखंडित करता है। भारत के इतिहास में सभी वर्गों और समुदायों ने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए सामाजिक विभाजन की मानसिकता को त्यागकर समरसता का वातावरण बनाना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को पूजनीय माना गया है, किंतु आधुनिक जीवनशैली के कारण पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। जल स्रोतों का प्रदूषण, पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग चिंता का विषय है। जल संरक्षण, वृक्षारोपण और स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप देना आवश्यक है। प्रत्येक नागरिक को अपने गांव, मोहल्ले और शहर को स्वच्छ और हरित बनाए रखने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर सरकार्यवाह जी ने कहा कि भारत की शक्ति उसके कृषि तंत्र, कुटीर उद्योग, ग्रामोद्योग, लोककला और भाषाई विविधता में निहित है। बदलती जीवनशैली के बीच अपनी सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

परिवार व्यवस्था भारतीय समाज की रीढ़

उन्होंने कहा कि पारिवारिक संस्कारों ने ही समाज को स्थायित्व प्रदान किया है। एकल परिवारों की बढ़ती प्रवृत्ति और ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन के कारण सामाजिक संरचना प्रभावित हो रही है। परिवारों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना का संचार आवश्यक है। मजबूत परिवार ही मजबूत समाज और राष्ट्र का निर्माण करते हैं।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा, नियमों का पालन और ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। सामाजिक आयोजनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के बाद स्वच्छता सुनिश्चित करना भी नागरिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।

भारत को विश्व में अग्रणी बनाना किसी पर प्रभुत्व स्थापित करना नहीं, बल्कि अपने चरित्र, परिश्रम, प्रामाणिकता और श्रेष्ठ जीवन मूल्यों के माध्यम से उदाहरण प्रस्तुत करना है। यदि समाज एकजुट, जागरूक और संगठित रहेगा तो कोई भी शक्ति भारत की एकता और प्रगति को बाधित नहीं कर सकेगी।

उन्होंने समाज से आह्वान किया कि केवल विचार सुनने तक सीमित न रहें, बल्कि एकता, समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी प्रोत्साहन और नागरिक कर्तव्यों के पालन को जीवन में उतारें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन मूल्यों के आधार पर भारत एक स्वाभिमानी, समृद्ध और शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में विश्व के समक्ष स्थायी रूप से स्थापित होगा।

The post संघ का मूल उद्देश्य समाज को संगठित, जागृत और समरस बनाना है – दत्तात्रेय होसबाले जी appeared first on VSK Bharat.

UP HAED सामचार हम भारतीय न्यूज़ के साथ स्टोरी लिखते हैं ताकि हर नई और सटीक जानकारी समय पर लोगों तक पहुँचे। हमारा उद्देश्य है कि पाठकों को सरल भाषा में ताज़ा, विश्वसनीय और महत्वपूर्ण समाचार मिलें, जिससे वे जागरूक रहें और समाज में हो रहे बदलावों को समझ सकें।