कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है
कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है, been decided to restart Kailash Mansarovar Yatra,
भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दोनों देशों ने 2020 से रुकी हुई कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया। इस बैठक में दोनों देशों ने आपसी समझ और सहयोग बढ़ाने के लिए कई अहम पहलुओं पर चर्चा की।
कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली के फैसले का विशेष महत्व है, क्योंकि यह यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दोनों देशों के लोगों के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को भी प्रगाढ़ करती है। कोरोना महामारी के कारण इस यात्रा को स्थगित कर दिया गया था, लेकिन अब दोनों देशों ने इस यात्रा को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है।
इसके अलावा, बैठक में भारत और चीन ने सीधी उड़ानों को बहाल करने के प्रस्ताव पर भी सैद्धांतिक सहमति जताई है। इससे दोनों देशों के नागरिकों के बीच यात्रा में सुविधा होगी और व्यापार, पर्यटन तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। यह कदम दोनों देशों के बीच संपर्क और संवाद को सशक्त करेगा, जो द्विपक्षीय संबंधों के सुधार के लिए अहम है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा के पुनः आरंभ होने से न केवल धार्मिक यात्रियों को लाभ मिलेगा, बल्कि इससे दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना भी मजबूत होगी। दोनों देशों के नेताओं ने इस निर्णय को एक सकारात्मक दिशा में उठाया गया कदम माना है, जिससे भविष्य में भारत-चीन रिश्तों में सुधार की संभावना बढ़ेगी।
यह निर्णय भारत और चीन के बीच सामान्यता और सहयोग की नई शुरुआत का प्रतीक बन सकता है, जो दोनों देशों के नागरिकों और व्यापारियों के लिए एक नए दौर की शुरुआत हो सकती है।