RSS कार्यकर्ता विकास वर्ग द्वितीय (विशेष) का नागपुर में शुभारंभ
"राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, कार्यकर्ता विकास वर्ग, नागपुर, डॉ. हेडगेवार स्मृति भवन, संघ शिक्षा वर्ग, सामाजिक जागरूकता, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक परिवर्तन, राष्ट्र निर्माण, RSS प्रशिक्षण कार्यक्रम, 2024 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता विकास वर्ग द्वितीय (विशेष) का नागपुर में उद्घाटन हुआ। 40 वर्ष से अधिक आयु के 868 शिक्षार्थियों के लिए यह विशेष वर्ग सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण पर केंद्रित है। "Rashtriya Swayamsevak Sangh, Karyakarta Vikas Varg, Nagpur, Dr. Hedgewar Smriti Bhavan, Sangh Shiksha Varg, social awareness, national unity, social transformation, nation-building, RSS training program, 2024"
कार्यकर्ता विकास वर्ग द्वितीय (विशेष) का नागपुर में शुभारंभ
नागपुर, 18 नवंबर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ता विकास वर्ग द्वितीय (विशेष) का शुभारंभ सोमवार को नागपुर के रेशीमबाग स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृति भवन परिसर के महर्षि व्यास सभागार में हुआ। उद्घाटन समारोह में सहसरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपालजी, अखिल भारतीय सहसेवा प्रमुख एवं वर्ग पालक अधिकारी श्री राजकुमार मटाले, और जोधपुर प्रांत संघचालक हरदयाल वर्माजी सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इस वर्ष के इस विशेष वर्ग में देशभर से 868 शिक्षार्थी शामिल हुए हैं। यह वर्ग 40 वर्ष से अधिक आयु के कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित किया गया है, जो आगामी 25 दिनों तक चलेगा और 12 दिसंबर को दीक्षांत समारोह के साथ संपन्न होगा।
वर्ग की प्रमुख विशेषताएं
कार्यकर्ता विकास वर्ग में सामाजिक जागरूकता, सामाजिक परिवर्तन, और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने वाले विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। उद्घाटन सत्र में श्री राजकुमार मटाले ने शिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह विशेष वर्ग संघ के प्रशिक्षण प्रणाली में ऐतिहासिक कदम है, जो नई संरचना के अनुसार पहली बार आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार और श्रीगुरुजी की तपोभूमि में आयोजित यह वर्ग राष्ट्र निर्माण के प्रयासों को गति प्रदान करेगा।
संघ के प्रशिक्षण वर्ग का इतिहास
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रशिक्षण वर्ग की शुरुआत 1927 में हुई थी। तब 17 शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया था। इसके बाद से यह वर्ग हर वर्ष आयोजित होता है, आपातकाल और कोरोना काल के कुछ वर्षों को छोड़कर। समय के साथ पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण की अवधि में आवश्यक बदलाव किए गए हैं।
श्री मटाले ने कहा, "कार्यकर्ताओं को समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए अपनी विचारधारा, कार्य पद्धति, और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता को विकसित करना चाहिए।" उन्होंने स्वामी विवेकानंद के कथन का संदर्भ देते हुए बताया कि कैसे किसी भी पवित्र कार्य को शुरुआत में उपेक्षा और विरोध का सामना करना पड़ता है, लेकिन समय के साथ उसकी स्वीकार्यता बढ़ती है।
इस वर्ग का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को समाज जागरण के पांच परिवर्तनकारी विषयों के क्रियान्वयन में सिद्ध और सक्षम बनाना है। संघ की यह पहल राष्ट्रीय एकता, सहजीवन और सामाजिक समरसता को प्रोत्साहित करती है।