मणिपुर हिंसा पर आरएसएस की चिंता, कांग्रेस ने राष्ट्रपति से की हस्तक्षेप की मांग
मणिपुर में बढ़ती हिंसा और हालिया महिलाओं-बच्चों की हत्याओं पर आरएसएस ने चिंता जताई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रपति से राज्य में शांति बहाली के लिए हस्तक्षेप की गुहार लगाई। जानें मणिपुर की ताजा स्थिति, Manipur violence, RSS statement on Manipur, Congress seeks intervention, Mallikarjun Kharge letter to President, Meitei-Kuki clashes, ethnic violence in Manipur, peace in Manipur, RSS reaction, ABVP on Manipur violence, women and children killings in Manipur, Barak River bodies found
मणिपुर हिंसा पर आरएसएस की चिंता, कांग्रेस ने राष्ट्रपति से की हस्तक्षेप की मांग
मणिपुर में हिंसा के बढ़ते मामलों और हाल ही में महिलाओं और बच्चों की निर्मम हत्याओं को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। संघ ने इसे "मानवता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के खिलाफ कायरतापूर्ण कृत्य" करार देते हुए कहा कि इसे रोकने के लिए तुरंत और ईमानदार प्रयास किए जाने चाहिए।
आरएसएस के मुखपत्र 'ऑर्गेनाइजर' में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, संघ ने मणिपुर में हो रही हिंसा को शर्मनाक और अमानवीय बताया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने भी राज्य और केंद्र सरकारों को विफल ठहराते हुए निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
10 दिनों में 22 लोगों की मौत, हालात और बिगड़े
मई 2023 से शुरू हुए मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच संघर्ष में अब तक 255 लोगों की मौत हो चुकी है और 59,000 से अधिक लोग विस्थापित हो गए हैं। बीते 10 दिनों में ही 22 मौतें दर्ज की गई हैं।
रविवार रात जिरीबाम जिले में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोली से 25 वर्षीय मेइती युवक अथौबा निंगथौजा की मौत हो गई। यह विरोध 11 नवंबर को छह महिलाओं और बच्चों के कथित अपहरण और हत्या के बाद हुआ।
इसके अलावा, हाल ही में ब्रह्मपुत्र नदी से तीन शव बरामद हुए, जिनमें एक महिला और दो साल का बच्चा शामिल है। रविवार और सोमवार को दो और शव मिले, जिससे तनाव और बढ़ गया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने राष्ट्रपति से की अपील
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर मणिपुर की बिगड़ती स्थिति पर हस्तक्षेप की अपील की। उन्होंने लिखा, "राज्य के लोग अपनी ही जमीन पर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। महिलाओं और बच्चों की हत्याओं ने पूरे राज्य को दहशत में डाल दिया है।"
खड़गे ने कहा कि केंद्र सरकार शांति स्थापित करने में विफल रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मणिपुर यात्रा न करने को भी कठघरे में खड़ा किया।
आरएसएस और एबीवीपी ने केंद्र-राज्य को घेरा
आरएसएस और एबीवीपी ने राज्य और केंद्र सरकार पर कड़ा रुख अपनाते हुए उनसे शांति स्थापित करने की मांग की। एबीवीपी ने बयान जारी कर कहा कि "यह घटना बुनियादी मानवीय मूल्यों के खिलाफ है। राज्य और केंद्र सरकार को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।"
मुख्यमंत्री पर उठे सवाल, एनपीपी ने समर्थन वापस लिया
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने शांति और कानून व्यवस्था पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई थी, जिसमें 11 विधायकों ने भाग नहीं लिया। नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) ने भाजपा सरकार से समर्थन वापस ले लिया है और उनके तीन विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
स्थिति को देखते हुए आरएसएस ने केंद्र और राज्य सरकार से कहा है कि वह तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाएं और निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।