एफटीए पर बोले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल – "प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देशहित और जनहित को ध्यान में रखकर हो रहे हैं सभी समझौते"
नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA) को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत द्वारा किए गए हर एफटीए को उद्योग जगत के साथ गहन विचार-विमर्श और विस्तृत चर्चा के बाद अंतिम रूप दिया गया है।
पीयूष गोयल ने कहा,
“हम ऐसे मित्र देशों की तलाश कर रहे हैं, जहां स्पर्धा के बजाय सहभागिता और सामूहिक सहयोग की भावना हो। हमने हर एफटीए में इस बात का ध्यान रखा है कि किसी भी वर्ग को नुकसान न हो। अब तक जितने भी समझौते हुए हैं, उनसे देश को केवल लाभ ही हुआ है।”
देशहित सर्वोपरि: गोयल
मंत्री गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि आगे जो भी FTA होंगे, वे देशहित और जनहित को प्राथमिकता में रखकर ही किए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार ऐसे किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेगी, जिससे भारत के उद्योग, व्यापार या किसानों को नुकसान पहुंचे।
सहयोग की भावना वाला व्यापार
अपने बयान में पीयूष गोयल ने प्रतिस्पर्धा की बजाय साझेदारी और सहयोग की भावना पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत ऐसे देशों के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत कर रहा है, जो भरोसेमंद साथी बन सकें, जिससे दीर्घकालिक विकास और स्थिरता सुनिश्चित हो।
उद्योग जगत के हित में निर्णय
पीयूष गोयल ने यह भी बताया कि FTA से पहले देश के विभिन्न उद्योग क्षेत्रों, व्यापार मंडलों और हितधारकों से विस्तृत चर्चा की जाती है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि समझौते से किसी विशेष सेक्टर को नुकसान न पहुंचे, बल्कि निर्यात और निवेश के नए अवसर खुलें।
संदर्भ
भारत हाल के वर्षों में ऑस्ट्रेलिया, यूएई, मॉरीशस जैसे कई देशों के साथ FTA कर चुका है और ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, कनाडा जैसे देशों के साथ भी बातचीत जारी है। इन समझौतों का उद्देश्य भारत के निर्यात को बढ़ावा देना, निवेश आकर्षित करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के इस बयान से स्पष्ट संकेत मिलता है कि भारत अब व्यापार समझौतों को सिर्फ आर्थिक लाभ की दृष्टि से नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी के रूप में देख रहा है। भारत के हर FTA का उद्देश्य न सिर्फ व्यापारिक विकास है, बल्कि देश की आत्मनिर्भरता, सुरक्षा और जनकल्याण को भी मजबूत करना है