डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए भारत पर लगाई पाबंदियां
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए भारत पर 50% टैरिफ लगा दिया। जानें क्यों लगाया टैरिफ और भारत ने क्या दिया जवाब।
डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए भारत पर लगाई पाबंदियां
परिचय
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए भारत पर सख्त कदम उठाए हैं। ट्रंप प्रशासन ने भारत से आने वाले सामान पर भारी टैरिफ लगाते हुए रूस से तेल आयात को लेकर नाराजगी जताई है। इस कदम का मकसद रूस पर आर्थिक दबाव बनाना और युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त करना है।
✅ भारत पर 50% टैरिफ का बोझ
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि –
-
अमेरिका ने भारत से आने वाली वस्तुओं पर पहले से ही 25% टैरिफ लगाया हुआ है।
-
अब रूस से तेल खरीदने की वजह से भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया गया है।
-
यह नया टैरिफ 27 अगस्त से प्रभावी होगा।
-
इसके बाद भारत पर कुल 50% टैरिफ लागू हो जाएगा।
✅ ट्रंप का दबाव: युद्ध खत्म करने की रणनीति
कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप पिछले चार साल से रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए “जबरदस्त सार्वजनिक दबाव” डाल रहे हैं।
उनके अनुसार –
-
ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि वे युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त करना चाहते हैं।
-
भारत पर पाबंदियां भी उसी रणनीति का हिस्सा हैं।
-
अमेरिका का मानना है कि आर्थिक कदमों से रूस को पीछे हटने पर मजबूर किया जा सकता है।
✅ रूस-यूक्रेन युद्ध: पृष्ठभूमि
-
फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था।
-
तब से यह संघर्ष लगातार जारी है और साढ़े तीन साल से अधिक समय हो चुका है।
-
इस युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार को भी प्रभावित किया है।
✅ भारत का जवाब
हाल ही में अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भारत पर आरोप लगाया था कि वह रूस से सस्ता तेल खरीदकर अन्य देशों को बेचकर मुनाफा कमा रहा है।
भारत ने इन आरोपों और टैरिफ पर कड़ी प्रतिक्रिया दी:
-
भारत ने कहा कि अमेरिका का यह कदम “अनुचित” है।
-
भारत अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।
-
भारत का रुख है कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए स्वतंत्र रूप से फैसले करेगा।
डोनाल्ड ट्रंप का भारत पर टैरिफ लगाना और रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए दबाव डालना एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय कदम है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह पाबंदियां वास्तव में युद्ध खत्म करने में मदद करती हैं या फिर भारत-अमेरिका रिश्तों में तनाव बढ़ाती हैं।