दिल्ली विधानसभा चुनाव: बीजेपी और आरएसएस ने बनाई संयुक्त रणनीति, नए चेहरों को मिलेगा मौका
आरएसएस के सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार, दिल्ली प्रांत संघचालक अनिल गुप्ता, दिल्ली के अन्य पदाधिकारी और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व दिल्ली प्रभारी बैजयंत पांडा, प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
दिल्ली विधानसभा चुनाव: बीजेपी और आरएसएस ने बनाई संयुक्त रणनीति, नए चेहरों को मिलेगा मौका
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने संयुक्त अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। हाल ही में हुई समन्वय बैठक में दोनों संगठनों ने चुनावी रणनीति पर चर्चा की। बैठक में मुख्यमंत्री पद के लिए किसी भी चेहरे को प्रोजेक्ट न करने और नए व साफ छवि वाले उम्मीदवारों को टिकट देने की बात पर जोर दिया गया। साथ ही झुग्गी-बस्तियों और व्यापारिक समुदाय तक विशेष रूप से पहुंचने की योजना बनाई गई।
बैठक में प्रमुख मुद्दों पर चर्चा
यह बैठक पिछले सप्ताह आयोजित की गई, जिसमें आरएसएस के सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार, दिल्ली प्रांत संघचालक अनिल गुप्ता, दिल्ली के अन्य पदाधिकारी और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व दिल्ली प्रभारी बैजयंत पांडा, प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
बैठक के दौरान झुग्गी-बस्तियों में पांच महीने से चल रहे आउटरीच कार्यक्रम की समीक्षा की गई। अगले दो महीनों में 25,000 छोटे कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई गई है। व्यापारिक समुदाय, जो लोकसभा चुनाव में बीजेपी का समर्थन करता है लेकिन विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) की ओर झुकता है, को फिर से बीजेपी से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया गया।
नए चेहरों पर फोकस
चर्चा में इस बात पर सहमति बनी कि इस बार अधिकतर टिकट ऐसे उम्मीदवारों को दिए जाएंगे जो नई और साफ छवि रखते हैं। इससे पार्टी को जनता के बीच अपनी छवि सुधारने का मौका मिलेगा।
आरएसएस-बीजेपी के संबंधों में सुधार
लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान महाराष्ट्र में एनसीपी नेता अजित पवार के साथ बीजेपी के गठबंधन और अन्य राजनीतिक फैसलों से नाराज आरएसएस अब बीजेपी के साथ तालमेल बढ़ाने पर सहमत हो गया है। सूत्रों के अनुसार, आरएसएस और बीजेपी दोनों ने इस बात को समझा है कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद विपक्ष के खिलाफ एकजुट रहना जरूरी है।
बीजेपी और आरएसएस की यह नई रणनीति दिल्ली में पार्टी के प्रदर्शन को सुधारने के लिए अहम मानी जा रही है। आगामी महीनों में दोनों संगठनों के बीच और बैठकें होंगी, जो दिल्ली चुनाव की दिशा तय करेंगी।