शाहीन बाग और निजामुद्दीन से एक-एक बांग्लादेशी पकड़ा गया
दिल्ली पुलिस ने बांग्लादेशी घुसपैठियों की धरपकड़ के दौरान शाहीन बाग और हजरत निजामुद्दीन इलाके से एक-एक घुसपैठिये को पकड़ा है। इनके पास भारत की कोई पहचान आइडी नहीं थी। दोनों बांग्ला भाषा बोल रहे थे। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने सच उगल दिया। पुलिस को उनके पास से बांग्लादेश के कुछ दस्तावेज भी मिले हैं। इन्होंने बताया कि इन्हें कोई ठेकेदार बांग्लादेश असम सीमा से दिल्ली लेकर आया था।
पुलिस ने सीमापुरी की झुग्गियों
में भी गुरुवार को अभियान चलाया। पुलिस को यहां 32 ऐसे लोग मिले, जिनके बाप-दादा कई दशक पहले बांग्लादेश से भारत आए थे और दिल्ली में आकर बस गए। जो लोग आए थे, उनमें से अधिकतर लोगों की मौत हो चुकी है। उनके परिवार के सदस्य यहां रह रहे हैं, इनके आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज दिल्ली के बने हुए हैं। पुलिस ने सत्यापन के लिए कागजात की कापी अपने पास रख कर ली है। इनमें से किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है। पुलिस का कहना है कि वेरिफिकेशन कर कागजात गृह मंत्रालय को भेज रही है। जिन लोगों का जन्म यहां हुआ वह बांग्लादेशी घुसपैठिया कहलाएंगे या नहीं यह मंत्रालय तय करेगा।
दक्षिणी पूर्वी जिला पुलिस ने बुधवार को कालिंदी कुंज सहित अन्य जगहों पर बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करने के लिए विशेष अभियान चलाया था और संदिग्धों की पहचान से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। पुलिस सूत्रों के अनुसार अभियान के दौरान शाहीन बाग और हजरत निजामुद्दीन में दो बांग्लादेशी घुसपैठिये मिले। फिलहाल पुलिस ने दोनों को अलग-अलग जगह रखा है। पुलिस इनके आपराधिक रिकार्ड का भी पता लगा रही है। दक्षिणी पूर्वी जिला पुलिस ने दूसरे दिन गुरुवार को मदनपुर खादर में विशेष अभियान चलाकर झुग्गियों में रहने वाले परिवारों के दस्तावेज की छानबीन की। यहां से पुलिस ने एक संदिग्ध महिला सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस मदनपुर खादर पहुंची तो झुग्गियों में मचा हड़कंप
बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान के अभियान के दूसरे दिन गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस मदरपुर खादर पाकेट-एक के पीछे की झुग्गियों में पहुंची। पुलिस की गाड़ी देखते ही यहां रहने वाले परिवारों में हड़कंप मच गया। लोग इधर-उधर भागने लगे। हालांकि पुलिस ने किसी को भागने नहीं दिया। सभी से उनके पहचान संबंधी दस्तावेज लिए। यहां पर एक महिला बिलिजा खातून के पास पहचान पत्र नहीं मिला। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। इसके अलावा प्लाट मालिक धनसिंह व ठेकेदार नासिरू इस्लाम को भी हिरासत में लिया है। धनसिंह ने अपने प्लाट पर झुग्गी बनवाकर इन्हें किराए पर दे रखी थी। उसने झुग्गी किराये पर देने में किसी भी किराएदार का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया। नासिरू कुछ लोगों को असम से दिल्ली लाया था।