दिव्या महिला शतरंज की विश्वकप चैंपियन
Divya is the Women Chess World Cup Champion, दिव्या महिला शतरंज की विश्वकप चैंपियन |
दिव्या महिला शतरंज की विश्वकप चैंपियन |
पहली बार किसी भारतीय बेटी ने जीता यह खिताब ।
बातूमी (जॉर्जिया)। भारत की दो बेटियों के बीच हुई खिताबी भिड़ंत में 19 वर्षीय दिव्या देशमुख ने कोनेरू हंपी पर श्रेष्ठता दर्ज कर फिडे महिला शतरंज विश्वकप का खिताब जीत लिया। नागपुर की दिव्या ने हंपी (38) को टाईब्रेकर में 2.5-1.5 से हराया। यह पहली बार है जब देश की बेटी ने विश्वकप जीता है। दिव्या सबसे युवा विश्वकप विजेता बनी हैं। 2024 में वह जूनियर विश्व चैंपियन बनी थीं। उन्होंने 45वें शतरंज ओलंपियाड में महिला टीम को विजेता बनाने में भी अहम भूमिका निभाई थी।
ग्रैंडमास्टर बनने वाली देश की चौथी बेटी
विश्वकप चैंपियन बनने के साथ ही दिव्या ग्रैंडमास्टर भी बन गई। यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह देश की चौथी बेटी व 88वीं शतरंज खिलाड़ी हैं। उनसे पहले हंपी, डी हरिका व आर वैशाली ग्रैंडमास्टर बनी थीं। हंपी 15 वर्ष की उम्र में 2002 में तब ग्रैंडमास्टर बनी थीं, जब दिव्या का जन्म भी नहीं हुआ था।
- दिव्या हंपी को कैंडिडेट्स का टिकट दिव्या व हंपी ने चीन का वर्चस्व तोड़ते हुए - कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है। इस टूर्नामेंट की विजेता चीनी विश्व चैंपियन जू वेनजुन को चुनौती देगी।