बीजापुर में दो नक्सली ढेर, ओडिशा में नक्सली ने ही अपने कमांडर की हत्या कर दी
नई दिल्ली/रायपुर। बीजापुर के जांगला क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में दो नक्सलियों को मार गिराया है। जबकि ओडिशा में 22 लाख के इनामी कमांडर की उसके ही साथी ने हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि नक्सली कमांडर आत्मसमर्पण करने वाला था। जानकारी के अनुसार, बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ […] The post बीजापुर में दो नक्सली ढेर, ओडिशा में नक्सली ने ही अपने कमांडर की हत्या कर दी appeared first on VSK Bharat.
नई दिल्ली/रायपुर।
बीजापुर के जांगला क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में दो नक्सलियों को मार गिराया है। जबकि ओडिशा में 22 लाख के इनामी कमांडर की उसके ही साथी ने हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि नक्सली कमांडर आत्मसमर्पण करने वाला था।
जानकारी के अनुसार, बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। जांगला थाना क्षेत्र के इंद्रावती नदी के जंगलों में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम सर्चिंग के लिए रवाना हुई। जवानों को देखते ही नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की और मुठभेड़ के दौरान दो माओवादियों को ढेर कर दिया।
बीजापुर के एसपी डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि सर्च अभियान में दोनों के शव बरामद हुए है। मुठभेड़ स्थल से एक SLR, एक इंसास राइफल, एक 12 बोर राइफल, विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग का सामान बरामद किया है।
नक्सली लंबे समय से जंगलों में छिपकर जवानों और ग्रामीणों को निशाना बनाते रहे हैं। हालांकि लगातार ऑपरेशन से उनका नेटवर्क कमजोर पड़ रहा है।
इसी बीच ओडिशा से नक्सल संगठन की अंदरूनी कलह की खबर भी सामने आई है। भुवनेश्वर और फुलबानी से मिली जानकारी के अनुसार एक वांछित नक्सली नेता ने अपने ही कमांडर अन्वेष उर्फ रेनू की हत्या कर दी। अन्वेष पर 22 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, अन्वेष ओडिशा पुलिस के सामने सरेंडर करने की तैयारी कर रहा था। इसकी भनक लगते ही संगठन के ही एक नेता ने उसकी हत्या कर दी।
कंधमाल पुलिस ने दरिंगबाड़ी थाना क्षेत्र के पकरी रिजर्व फॉरेस्ट में दफनाए गए शव को बाहर निकाला। शव सड़ चुका था, लेकिन पहचान अन्वेष के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, नक्सली संगठन अपने कैडर को सरेंडर से रोकने के लिए डर और हिंसा का सहारा लेता है।
घटना ने साफ कर दिया कि नक्सली अपने ही साथियों पर भरोसा नहीं करते और संगठन छोड़ने की सोच रखने वालों को मौत की सजा देते हैं।
इससे पहले 6 फरवरी को छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र सीमा पर मुठभेड़ में सात नक्सली मारे गए थे, जिनमें तीन महिला नक्सली शामिल थीं। नक्सलियों की फायरिंग में महाराष्ट्र के कॉन्स्टेबल दीपक चिन्ना मदावी घायल हुए थे। जवानों ने उन्हें एयरलिफ्ट कर भामरागढ़ अस्पताल पहुंचाया, जहां ऑपरेशन के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी 2024 से अब तक बीजापुर जिले में 232 नक्सली मारे गए हैं। पुलिस ने 1163 नक्सलियों को गिरफ्तार किया और 888 ने हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की। वर्ष 2025 में 163 माओवादी मारे गए, जबकि 2026 में अब तक 11 नक्सली ढेर हो चुके हैं।
सुरक्षाबलों की कार्रवाई और संगठन के भीतर बढ़ती टूट ने साफ संकेत दिया है कि नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। जंगल में बंदूक के दम पर राज करने की कोशिश अब टिकने वाली नहीं।
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