उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने एक कार्यक्रम में सरकार से कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं
मेरा सरकार से कोई लेना-देना नहीं है। सरकार किसी भी पार्टी की हो, पर सरकार हमारे राष्ट्रवाद से जुड़ी हुई है।
उपराष्ट्रपति धनखड़ का बयान: भारतीयता और राष्ट्रवाद की प्राथमिकता
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने एक कार्यक्रम में अपने विचार साझा करते हुए कहा कि उनका सरकार से कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं है, लेकिन देश के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अडिग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार चाहे किसी भी पार्टी की हो, लेकिन उसकी धारा राष्ट्रवाद से जुड़ी होनी चाहिए।
धनखड़ ने कहा, "राजनीति चाहे जैसे करो, अपने हिसाब से करो और दिल खोलकर करो।" उन्होंने आगे कहा कि चुनावों के समय सभी को अपनी-अपनी राजनीतिक गतिविधियों को अंजाम देना चाहिए, लेकिन जब देश के मुद्दों की बात आती है, तब विचार करने का समय नहीं होता। "देश का सवाल आए तो एक ही तरफ जाएं!" उन्होंने यह संदेश दिया कि भारतीयता और राष्ट्रवाद के मुद्दों पर सभी को एकजुट होना चाहिए।
उपराष्ट्रपति ने भारतीयता को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, "भारतीयता हमारे खून में है! इसके लिए हमें लड़ना है, जीना है और इसे आगे बढ़ाना है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि जो लोग इस सोच से परे हैं, उनके विचारों में सुधार लाने की आवश्यकता है।
धनखड़ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में राजनीतिक विभाजन की चर्चा हो रही है। उनका यह संदेश न केवल राजनीतिक दलों, बल्कि समाज के हर तबके के लिए है कि सभी को मिलकर देश की भलाई के लिए काम करना चाहिए।