आजाद अधिकार सेना के क्षेत्रीय प्रभारी ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा शिकायती पत्र
The regional invcharge of Azad Adhikar Sena submitted a complaint letter to the Chief Minister
आजाद अधिकार सेना के क्षेत्रीय प्रभारी ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा शिकायती पत्र
बुलंदशहर आजाद अधिकार सेना के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय प्रभारी प्रदीप सिंह के साथ मारपीट, गाली-गलौज, लूटपाट और जान से मारने की धमकी का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर आजाद अधिकार सेना के बुलंदशहर जिलाध्यक्ष मनीष राणा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एसएसपी को एक शिकायती पत्र सौंपकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, 11 जून को विकासखंड ऊँचागांव परिसर में भाजपा नेता और नरसेना ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि जितेंद्र शर्मा, ठेकेदार संजू राणा (ग्राम रघुनाथपुर निवासी) और जितेंद्र शर्मा का पुत्र विशाल सहित अन्य लोगों ने प्रदीप सिंह के साथ अभद्रता की, मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी सिंह के अनुसार, हमलावरों ने उनके ₹8000 नकद और चश्मा भी छीन लिया और चश्मा तोड़ दिया। यह भी आरोप लगाया गया है कि सिंह को आरटीआई के ज़रिए विकासखंड में फैले भ्रष्टाचार को उजागर करने के चलते धमकाया गया और हमला किया गया। आरोप है कि इन लोगों ने खुद को भाजपा विधायक देवेंद्र लोधी का प्रतिनिधि बताकर जनता में रोब जमाने और अवैध वसूली करने की कोशिश की। पीड़ित ने नरसेना थाने में शिकायत दर्ज कराई है (शिकायत संख्या: 40014225022489), लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जिलाध्यक्ष मनीष राणा ने आरोप लगाया कि सिंह का रास्ता रोककर दोबारा मारपीट की गई और पिस्टल दिखाकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में मांग की गई है कि दोषियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए। साथ ही प्रदीप सिंह की सुरक्षा सुनिश्चित करने, उनकी आरटीआई शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने और घटना के दौरान बंद किए गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की मांग भी की गई है इस घटना को लेकर सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों में रोष है। सभी की नजर अब इस मामले में सरकार की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर है। अगर शीघ्र और निष्पक्ष कदम नहीं उठाए गए, तो यह घटना कानून व्यवस्था और पारदर्शिता की दिशा में एक गंभीर सवाल बन सकती है