हर युग में काम आए ऐसी भाषा है संस्कृतः सुकांत मजूमदार
राज्य शिक्षामंत्री सुकांत मजूमदार ने आइजीएनसीए में संगोष्ठी में कहा कि संस्कृत सनातन का रूप है और यह सम्पूर्ण विश्व का प्राण है। Sanskrit is language that can be used in every era, हर युग में काम आए ऐसी भाषा है संस्कृतः सुकांत मजूमदार
हर युग में काम आए ऐसी भाषा है संस्कृतः सुकांत मजूमदार
आइजीएनसीए में राज्य शिक्षामंत्री सुकांत मजूमदार का स्वागत करते कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी व डीन प्रो. रमेश सी गौर।
आइजीएनसीए में केंद्रीय संस्कृत विश्विद्यालय के सहयोग से शुरू हुई संगोष्ठी में बोले राज्य शिक्षामंत्री
संस्कृत सनातन का रूप है। यह बहुत पुरानी है, लेकिन उतनी ही नवीन है। हर युग में काम आए, ऐसी भाषा संस्कृत है। संस्कृत भारत की ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्व का प्राण है। यह बात केंद्रीय राज्य शिक्षामंत्री सुकांत मजूमदार ने कही। वह इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आइजीएनसीए) में केंद्र और केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के सहयोग से 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के संदर्भ में संस्कृत पुस्तकालयों का रूपांतरण' विषय पर तीन दिवसीय संगोष्ठी के शुभारंभ के मौके पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
शुभारंभ सत्र की अध्यक्षता कर रहे आइजीएनसीए के सदस्य सचिव डा. सच्चिदानंद जोशी ने ज्ञान परंपरा में केंद्रीय संसाधनों और पुस्तकालयों की उपयोगिता पर चर्चा करते हुए कहा कि जब तक पुस्तकें हमारे पास रहेंगी, तब तक हम उस जीवन संपदा के पास रहेंगे।
भारत सरकार ने इस साल के बजट में ज्ञान भारतम्' मिशन की घोषणा की। भारतीय शिक्षण मंडल के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएन शंकरानंद ने महर्षि दयानंद सरस्वती के संदेश 'गो बैक टू बेदास' (वेदों की ओर लौटो) और गीता के संदेश 'गो बियांड द वेदास' की चर्चा की संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने कहा कि ग्रंथपालक को ग्रंथ पाठक होना चाहिए।