सीजेआई संजीव खन्ना की विदाई समारोह में भावुक विदाई, बोले - 'अब ऐसे हेक्टिक काम नहीं करूंगा'
सीजेआई संजीव खन्ना की विदाई समारोह में भावुक विदाई, बोले - 'अब ऐसे हेक्टिक काम नहीं करूंगा, Emotional farewell to CJI Sanjiv Khanna at the farewell ceremony, he said - 'Now I will not do such hectic work,
सीजेआई संजीव खन्ना की विदाई समारोह में भावुक विदाई, बोले - 'अब ऐसे हेक्टिक काम नहीं करूंगा'
नई दिल्ली। भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) जस्टिस संजीव खन्ना ने अपने विदाई समारोह के दौरान भावुक शब्दों में न्यायपालिका में अपने 20 वर्षों की सेवा को याद किया। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस समारोह में उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी खुद को एक 'जज' के रूप में नहीं देखा क्योंकि उनके मन में इस पद के प्रति अत्यंत श्रद्धा है।
जस्टिस खन्ना ने कहा, "दिल्ली हाईकोर्ट का जज बनना मेरे लिए एक सपना सच होने जैसा था। जज का गाउन पहनने के बाद समझ में आया कि न्याय का कार्य कितना कठिन और चुनौतीपूर्ण हो सकता है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके मन में कोई मिश्रित भावना नहीं है, बल्कि वह पूरी तरह से संतोष और प्रसन्नता के साथ इस पद से विदा ले रहे हैं।
अपने सेवानिवृत्ति के बाद की योजनाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा, "अब इस तरह के हेक्टिक काम नहीं करूंगा।" हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे कानूनी क्षेत्र से जुड़े रहेंगे, जिससे यह संकेत मिलता है कि वे भविष्य में किसी न किसी रूप में न्यायिक सेवा में मार्गदर्शक की भूमिका निभा सकते हैं।
जस्टिस संजीव खन्ना को उनकी न्यायप्रियता, सरलता और संवेदनशील फैसलों के लिए जाना जाता है। उन्होंने न्यायपालिका में रहते हुए कई अहम फैसले दिए और विधिक व्यवस्था को आम जन तक अधिक सुलभ बनाने की दिशा में प्रयास किए।
कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के अन्य जजों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं और बार एसोसिएशन के सदस्यों ने भी उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके योगदान को सराहा। समारोह के दौरान एक भावुक वातावरण रहा, जिसमें न्यायपालिका के एक प्रतिष्ठित युग का समापन अनुभव हुआ।
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