हिमाचल प्रदेश में क्रॉस वोटिंग के मामले में जयराम रमेश ने की सतर्कता, साजिश का आरोप
कांग्रेस नेता ने कहा, "क्रॉस वोटिंग दुर्भाग्यपूर्ण है और इसे रोकने के लिए हमें सहयोग करना होगा। हमारी प्राथमिकता यह है कि कांग्रेस सरकार को बचाया जाए और देशवासियों को सशक्त किया जाए।
हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट कांग्रेस नेता, जयराम रमेश ने क्रॉस वोटिंग के मामले में सतर्कता की बातें की हैं। उनके अनुसार, किसी भी प्रदेश की स्थिति में क्रॉस वोटिंग से गुजरना दुर्भाग्यपूर्ण है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
रमेश ने यह कहते हुए बताया कि कुछ लोग इस समय कांग्रेस सरकार को गिराने के लिए क्रॉस वोटिंग के माध्यम से साजिश रच रहे हैं। उन्होंने प्रदेश के पर्यवेक्षकों को आगाह किया है और विधायकों से मिलकर उनकी शिकायतों का निरीक्षण करने का आदेश दिया है। रमेश ने आम जनता से भी आग्रह किया है कि वे विधायकों की शिकायतें सुनें और इस प्रक्रिया में सहयोग करें।
कांग्रेस नेता ने कहा, "क्रॉस वोटिंग दुर्भाग्यपूर्ण है और इसे रोकने के लिए हमें सहयोग करना होगा। हमारी प्राथमिकता यह है कि कांग्रेस सरकार को बचाया जाए और देशवासियों को सशक्त किया जाए।" उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों से सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से नुकसान होता है, और इसे रोकने के लिए सभी विधायकों को अपनी जिम्मेदारियों का पूरा आदान-प्रदान करना चाहिए।
रमेश के इस बयान से साफ है कि हिमाचल प्रदेश में चुनावी माहौल में क्रॉस वोटिंग पर गंभीरता से नजर रखी जा रही है और सरकार इसे रोकने के लिए सक्रिय रूप से कदम उठा रही है।