1 जून की महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएँ देश और विदेश में आज के दिन विशेष जानकारी
"जानिए 1 जून की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, इस दिन जन्मे और निधन हुए प्रमुख व्यक्तियों के बारे में, साथ ही अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस और विश्व दुग्ध दिवस जैसे खास अवसरों का महत्व। 1 जून का इतिहास और त्योहारों की पूरी जानकारी हिंदी में।" 1 जून की महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएँ
1 जून की महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएँ
✈️ 1992 – भारत-इज़रायल हवाई समझौता
1 जून 1992 को भारत और इज़रायल के बीच एक ऐतिहासिक हवाई समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता दोनों देशों के बीच यात्राओं और व्यापारिक संबंधों को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम था। इससे पहले दोनों देशों के संबंध सीमित थे, लेकिन 1990 के दशक की शुरुआत में कूटनीतिक संबंधों की बहाली के बाद यह एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।
1999 – चीन में प्राचीन कब्रों की खोज
मध्य चीन के ह्यूबी प्रांत में 770-256 ईसा पूर्व की लगभग 300 प्राचीन कब्रें खोजी गईं। यह खोज चीनी सभ्यता और संस्कृति के इतिहास को और गहराई से समझने में सहायक बनी। इसी दिन अमेरिका के हवाई विश्वविद्यालय में एक नर चूहे का प्रतिरूप (clone) भी विकसित किया गया, जो जैव प्रौद्योगिकी में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी गई।
2001 – नेपाल का राजपरिवार हत्याकांड
नेपाल में 1 जून 2001 को राजमहल में एक भीषण हत्याकांड हुआ जिसमें तत्कालीन राजा वीरेन्द्र विक्रम शाह, उनकी पत्नी रानी ऐश्वर्या और अन्य राजपरिवार के सदस्य मारे गए। आरोप लगाया गया कि युवराज दीपेन्द्र ने शराब और नशे की हालत में यह नरसंहार किया और बाद में स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद ज्ञानेन्द्र शाह को कार्यवाहक नरेश घोषित किया गया। इस घटना ने नेपाल की राजशाही को अस्थिर कर दिया और बाद में वहाँ लोकतांत्रिक गणराज्य की स्थापना हुई।
2004 – गाजी मशाल अजीज अल यावर बने इराक के राष्ट्रपति
इराकी प्रशासनिक परिषद के प्रमुख सुन्नी नेता गाजी मशाल अजीज अल यावर को इराक का नया राष्ट्रपति नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति इराक में सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम थी, खासकर अमेरिका द्वारा सद्दाम हुसैन की सत्ता समाप्त करने के बाद।
️ 2005 – अप्पा शेरपा की रिकॉर्ड चढ़ाई
प्रसिद्ध नेपाली पर्वतारोही अप्पा शेरपा ने 1 जून 2005 को माउंट एवरेस्ट की 15वीं बार सफल चढ़ाई की। यह एक विश्व रिकॉर्ड था और पर्वतारोहण के क्षेत्र में अप्पा शेरपा की निष्ठा और साहस का प्रतीक बन गया।
2006 – चीन में आदि मानव का पदचिह्न
चीन के दक्षिण-पूर्वी जियांग्शी प्रान्त के शांगीपन गांव में 1 जून 2006 को आदि मानव के पदचिह्न मिले, जिससे मानव विकास के इतिहास को लेकर नये तथ्य उजागर हुए। यह पुरातत्व की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण खोज मानी गई।
☢️ 2006 – ईरान का परमाणु कार्यक्रम पर अड़ियल रवैया
ईरान ने स्पष्ट किया कि वह अपने परमाणु शोध कार्यक्रम पर अमेरिका से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगा, हालांकि बातचीत को लेकर उसकी मंशा सकारात्मक थी। ईरान का कहना था कि परमाणु कार्यक्रम उसका वैज्ञानिक और ऊर्जा संबंधी अधिकार है।
2006 – इस्रायली विश्वविद्यालयों का बहिष्कार
ब्रिटेन के शिक्षाविदों ने 1 जून 2006 को इस्रायली विश्वविद्यालयों के बहिष्कार का निर्णय लिया, जो फिलिस्तीन मुद्दे को लेकर वैश्विक शिक्षा समुदाय में असहमति का प्रतीक बना।
️ 2008 – अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी सम्मेलन
नई दिल्ली में 1 जून 2008 को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें कई देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और वैश्विक आतंकवाद से निपटने के लिए सहयोग की बात कही।
️ 2008 – बराक ओबामा का चर्च से इस्तीफ़ा
अमेरिकी राष्ट्रपति पद के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बराक ओबामा ने शिकागो के ट्रिनिटी यूनाइटेड चर्च की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। यह निर्णय चर्च के पादरी द्वारा दिए गए कुछ विवादास्पद बयानों के बाद लिया गया, जिससे ओबामा की छवि को नुकसान हो रहा था।
⚖️ 2010 – के.जी. बालाकृष्णन मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष नियुक्त
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश के.जी. बालाकृष्णन को 1 जून 2010 को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वे इस पद पर नियुक्त होने वाले पहले दलित थे। आयोग का यह पद पिछले एक वर्ष से रिक्त था।
2010 – अक्षरधाम आतंकी हमले पर उच्च न्यायालय का निर्णय
गुजरात हाईकोर्ट ने अक्षरधाम आतंकी हमले के मामले में निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। 2002 में गांधीनगर स्थित अक्षरधाम मंदिर में आतंकियों द्वारा हमला किया गया था, जिसमें 33 लोगों की जान गई थी। अदालत ने तीन आरोपियों को फाँसी की सज़ा दी थी, जिसे बरकरार रखा गया।
1 जून को जन्मे प्रमुख व्यक्ति
⚖️ एस. राजेन्द्र बाबू (जन्म: 1 जून 1939)
भारत के 34वें मुख्य न्यायाधीश रह चुके एस. राजेन्द्र बाबू न्यायपालिका में एक प्रतिष्ठित नाम हैं। उन्होंने अपने न्यायिक कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय दिए और भारतीय न्याय प्रणाली को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई।
चिमन सिंह यादव (जन्म: 1 जून 1945)
चिमन सिंह यादव भारतीय नौसेना के एक साहसी नाविक थे जिन्हें 'महावीर चक्र' जैसे वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनका साहस और योगदान भारतीय सशस्त्र बलों के इतिहास में प्रेरणा का स्रोत है।
⚕️ सुरेश अंगदी (जन्म: 1 जून 1955 – निधन: 2020)
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुरेश अंगदी कई बार सांसद रहे और उन्होंने रेल राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया। उनका राजनीतिक जीवन सेवा और समर्पण का प्रतीक रहा।
अशोक कुमार (जन्म: 1 जून 1958)
भारत के प्रतिष्ठित हॉकी खिलाड़ी अशोक कुमार न केवल एक महान खिलाड़ी हैं, बल्कि वे हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के पुत्र भी हैं। उन्होंने 1975 में भारत को हॉकी विश्वकप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी।
⚖️ कुरुवा गोरान्तला माधव (जन्म: 1 जून 1969)
आंध्र प्रदेश से सांसद कुरुवा गोरान्तला माधव एक पुलिस अधिकारी से राजनीतिज्ञ बने नेता हैं। वे अनंतपुर से सांसद चुने गए और युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
मनसुख मंडाविया (जन्म: 1 जून 1972)
मनसुख मंडाविया भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। वे भारत सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री के रूप में सेवा दे चुके हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान उनकी सक्रिय भूमिका और निर्णय लेने की क्षमता की सराहना की गई।
1 जून का दिन भारतीय राजनीति, खेल, न्यायपालिका और सैन्य सेवाओं से जुड़ी कई महान हस्तियों के जन्म का साक्षी है। ये व्यक्तित्व अपने-अपने क्षेत्र में भारत को गौरवान्वित करने वाले प्रेरणास्त्रोत हैं।
1 जून को जन्मे प्रमुख भारतीय व्यक्तित्व
नर्गिस (जन्म: 1 जून 1929 – निधन: 3 मई 1981)
नर्गिस भारतीय सिनेमा की प्रख्यात अभिनेत्री थीं। उन्होंने ‘मदर इंडिया’ जैसी कालजयी फिल्मों में अभिनय कर हिंदी सिनेमा को नई ऊँचाइयाँ दीं। वे समाजसेवा से भी जुड़ी रहीं और राज्यसभा सदस्य के रूप में भी कार्य किया। उनका नाम भारतीय सिनेमा की सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्रियों में गिना जाता है।
️♀️ कर्णम मल्लेश्वरी (जन्म: 1 जून 1975)
कर्णम मल्लेश्वरी भारत की पहली महिला ओलंपिक पदक विजेता हैं। उन्होंने 2000 के सिडनी ओलंपिक में वेटलिफ्टिंग में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा। उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न, पद्मश्री, और अर्जुन पुरस्कार जैसे सम्मानों से नवाजा गया।
⚖️ एस. मुखर्जी (जन्म: 1 जून 1927)
एस. मुखर्जी भारत के 20वें मुख्य न्यायाधीश थे। उनका कार्यकाल न्यायिक शुचिता और निष्पक्ष फैसलों के लिए जाना जाता है। उन्होंने संविधान और कानून की व्याख्या में अहम भूमिका निभाई।
⚖️ भगवंत खुबा (जन्म: 1 जून 1967)
भगवंत खुबा भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं और उन्होंने केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक तथा नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया है। वे कर्नाटक के बीदर क्षेत्र से सांसद हैं।
राजेश्वरी गायकवाड़ (जन्म: 1 जून 1991)
राजेश्वरी गायकवाड़ एक भारतीय महिला क्रिकेटर हैं, जो स्पिन गेंदबाज के रूप में जानी जाती हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत को जीत दिलाई है और महिला क्रिकेट में भारत की मजबूती का प्रतीक बनी हैं।
✍️ बलदेव वंशी (जन्म: 1 जून 1938)
बलदेव वंशी हिंदी साहित्य के प्रख्यात समकालीन कवि और लेखक थे। उनकी रचनाएँ सामाजिक यथार्थ और मानवीय संवेदनाओं को छूती थीं। उन्होंने कई प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में संपादक के रूप में भी कार्य किया और हिंदी कविता को नई दिशा दी।
1 जून का दिन उन महान विभूतियों के जन्म का दिन है जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देकर भारत को गौरवांवित किया। नर्गिस की अभिनय प्रतिभा हो, मल्लेश्वरी की खेल भावना, या फिर बलदेव वंशी की साहित्यिक रचनाएँ — सभी ने भारत की सांस्कृतिक, सामाजिक और वैश्विक छवि को मजबूत किया है।
1 जून को हुए प्रमुख निधन
️ नीलम संजीव रेड्डी (निधन: 1 जून 1996)
नीलम संजीव रेड्डी भारत के छठे राष्ट्रपति (1977–1982) थे। वे लोकसभा के पहले और सातवें अध्यक्ष भी रहे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और भारतीय राजनीति के संयमी नेता के रूप में उनकी ख्याति थी। वे ऐसे पहले व्यक्ति थे जो निर्विरोध राष्ट्रपति चुने गए।
बाल राम नंदा (निधन: 1 जून 2010)
बाल राम नंदा एक प्रसिद्ध इतिहासकार थे। वे नेहरू स्मारक संग्रहालय और पुस्तकालय के पहले निदेशक रहे। उन्होंने महात्मा गांधी, नेहरू और आधुनिक भारत पर कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं। भारतीय इतिहास लेखन में उनका नाम आदर से लिया जाता है।
ख़्वाजा अहमद अब्बास (निधन: 1 जून 1987)
ख़्वाजा अहमद अब्बास प्रसिद्ध फ़िल्म निर्देशक, पटकथा लेखक और उर्दू लेखक थे। उन्होंने राज कपूर की कई फिल्मों की पटकथा लिखी जैसे ‘श्री 420’, ‘आवारा’ आदि। उनकी फिल्म ‘धरती के लाल’ और ‘शहर और सपना’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली।
वाजिद ख़ान (निधन: 1 जून 2020)
वाजिद ख़ान प्रसिद्ध संगीतकार जोड़ी 'साजिद-वाजिद' का हिस्सा थे। उन्होंने सलमान खान की कई सुपरहिट फिल्मों में संगीत दिया जैसे 'तेरे नाम', 'दबंग', 'वांटेड'। उनका अचानक निधन भारतीय संगीत उद्योग के लिए एक बड़ी क्षति थी।
वीरेन्द्र वीर विक्रम शाह (निधन: 1 जून 2001)
वीरेन्द्र शाह नेपाल के राजा थे और एक प्रमुख दक्षिण एशियाई शासक माने जाते हैं। उनका निधन एक रहस्यमयी और दुखद गोलीकांड में हुआ, जिसमें नेपाल का पूरा शाही परिवार मारा गया। इस घटना ने नेपाल के इतिहास में निर्णायक मोड़ लाया।
विलियम मैल्कम हेली (निधन: 1 जून 1969)
विलियम हेली ब्रिटिश काल के पंजाब और उत्तर प्रदेश के राज्यपाल रहे थे। उन्होंने भारत के प्रशासनिक ढांचे और शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित किया। हेली कॉलेज ऑफ कॉमर्स (लाहौर) उनके नाम पर स्थापित किया गया था।
1 जून उन महान व्यक्तित्वों के अवसान का दिन है जिन्होंने राजनीति, संगीत, साहित्य, फिल्म, इतिहास और शासन-प्रशासन में अपनी छाप छोड़ी। इनके योगदान भारतीय समाज और इतिहास की अमूल्य धरोहर हैं। उनका स्मरण केवल श्रद्धांजलि ही नहीं, प्रेरणा का स्रोत भी है।
1 जून के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव
अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस (International Children’s Day)
अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस हर साल 1 जून को दुनिया के कई देशों में मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1950 में हुई थी और यह मुख्य रूप से सोवियत संघ और पूर्वी यूरोपीय देशों द्वारा प्रोत्साहित किया गया एक उत्सव था। इसका उद्देश्य है:
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बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना,
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उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अनुकूल माहौल सुनिश्चित करना,
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बच्चों के साथ दुर्व्यवहार, बाल श्रम, भेदभाव और शोषण के विरुद्ध जागरूकता फैलाना।
आज के समय में यह दिन विश्व भर में बच्चों की भलाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, और सुरक्षा जैसे विषयों पर विचार-विमर्श और कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाता है।
विश्व दुग्ध दिवस (World Milk Day)
विश्व दुग्ध दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन (FAO) द्वारा 2001 में की गई थी। इसका उद्देश्य है:
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दूध और दुग्ध उत्पादों के पोषण महत्व को रेखांकित करना,
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डेयरी उद्योग के सामाजिक-आर्थिक योगदान को सराहना,
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दुग्ध उत्पादन में स्वच्छता, कृषि में नवाचार, और दुग्ध किसानों के योगदान को पहचान देना।
इस दिन पर भारत समेत दुनियाभर में दूध से संबंधित जागरूकता अभियान, शैक्षणिक कार्यक्रम, रैलियाँ, और ऑनलाइन अभियानों का आयोजन किया जाता है।
भारत, जो विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है, इस अवसर पर विभिन्न डेयरी ब्रांड, सरकारी संस्थान, और स्वास्थ्य संगठन मिलकर कार्यक्रम आयोजित करते हैं।
1 जून सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य की सुरक्षा और स्वस्थ जीवनशैली के एक प्रमुख पोषण स्रोत – दूध – को सम्मानित करने का दिन है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि समाज के सबसे कोमल वर्ग यानी बच्चों की रक्षा करना और संतुलित पोषण को बढ़ावा देना हमारी साझा ज़िम्मेदारी है।
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