हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय HPU के शिक्षकों के संगठन हपुटवा

विश्वविद्यालय प्रशासन से हिमाचल प्रदेश सरकार पर कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (कैस) की अधिसूचना जारी करने के लिए दबाव डालने की मांग की गई है

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय HPU के शिक्षकों के संगठन हपुटवा

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के शिक्षकों के संगठन हपुटवा

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के शिक्षकों के संगठन हपुटवा (हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन एचपीयू के प्रो-वाइस चांसलर प्रोफेसर राजिंदर वर्मा को सौंपा गया, जिसमें हपुटवा के अध्यक्ष प्रोफेसर हरीश के ठाकुर के नेतृत्व में कार्यकारिणी के अन्य सदस्य भी शामिल थे।

हपुटवा के अध्यक्ष प्रोफेसर हरीश के ठाकुर ने बताया कि ज्ञापन में प्रमुख रूप से विश्वविद्यालय प्रशासन से हिमाचल प्रदेश सरकार पर कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (कैस) की अधिसूचना जारी करने के लिए दबाव डालने की मांग की गई है। इसके अलावा, विश्वविद्यालय कर्मियों को तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) और संबंधित एरियर जारी करने का भी आग्रह किया गया है।

एसोसिएशन ने यह भी मांग की है कि अध्यापकों की पिछली सेवाओं की गणना की जाए और कैरियर एडवांसमेंट स्कीम जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए। शिक्षकों के एम फिल और पीएचडी इंक्रेमेंट्स को बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। साथ ही, सातवें वेतनमान का बकाया जारी करने के लिए भी दबाव डाला गया है।

हपुटवा ने इस बात पर भी बल दिया कि परीक्षा ड्यूटी और संबद्धता/निरीक्षण टीमों के गठन में शिक्षकों की वरिष्ठता को ध्यान में रखते हुए समान रूप से नियुक्तियां की जाएं। इसके अलावा, एसोसिएशन ने निजी उम्मीदवारों के लिए परीक्षा केंद्रों को पूरे राज्य में आईसीडीईओएल (इंटरनेशनल सेंटर फॉर डिस्टेंस एजुकेशन एंड ओपन लर्निंग) केंद्रों के साथ जोड़ने की मांग की है।

एसोसिएशन ने विश्वविद्यालय में शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए डीन ऑफ रिसर्च का पद सृजित करने की मांग भी की है। बैठक के दौरान प्रोफेसर बीआर ठाकुर, प्रोफेसर योग राज और प्रोफेसर जोगिंदर सकलानी भी उपस्थित थे।

हपुटवा की इन मांगों का उद्देश्य विश्वविद्यालय के शिक्षकों के हितों की रक्षा करना और उनकी कार्य स्थितियों में सुधार करना है। ज्ञापन सौंपने के बाद, संगठन ने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा और जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाएगा।

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय - विकिपीडिया

इस बैठक के माध्यम से हपुटवा ने शिक्षकों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि संगठन शिक्षकों के अधिकारों और सुविधाओं के लिए प्रतिबद्ध है। इस ज्ञापन के माध्यम से हपुटवा ने एक बार फिर यह दर्शाया है कि वे शिक्षकों की समस्याओं को हल करने के लिए पूरी तरह से समर्पित हैं और उनके हितों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।

इस प्रकार, हपुटवा ने शिक्षकों के विभिन्न मुद्दों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखी हैं, और अब उम्मीद की जा रही है कि इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई होगी।

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