फर्जी कॉल्स पर सरकार की कड़ी कार्रवाई, AI सिस्टम ने बनाया स्कैमर्स का काम मुश्किल
फर्जी कॉल्स पर सरकार की कड़ी कार्रवाई, AI सिस्टम ने बनाया स्कैमर्स का काम मुश्किल, Governmentstrict action fake calls AI system made the work scammers difficult, दूरसंचार विभाग (DoT) ने फर्जी कॉल्स और मैसेज पर लगाम लगाने के लिए AI आधारित सिस्टम लागू किया है, जिससे फर्जी इंटरनेशनल कॉल्स की पहचान और ब्लॉकिंग आसान हो गई है। Spoof Call Prevention System के जरिए रोजाना 1.34 करोड़ फर्जी कॉल्स रोकी जा रही हैं। Airtel और BSNL जैसी कंपनियों ने फर्जी एग्रीगेटर्स को ब्लैकलिस्ट किया है। Sanchar Saathi ऐप और पोर्टल के माध्यम से उपभोक्ताओं को रिपोर्टिंग का विकल्प दिया गया है। इस कदम ने साइबर फ्रॉड और टेलीकॉम धोखाधड़ी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
फर्जी कॉल्स पर सरकार की कड़ी कार्रवाई: AI सिस्टम ने बनाया स्कैमर्स का काम मुश्किल
DoT ने फर्जी कॉल्स पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए
दूरसंचार विभाग (DoT) ने फर्जी कॉल्स और मैसेज की समस्या को हल करने के लिए AI आधारित सिस्टम लागू किया है। इससे फर्जी कॉल्स की संख्या में भारी कमी आई है और साइबर फ्रॉड की घटनाएं भी नियंत्रित हुई हैं। Spoof Call Prevention System के माध्यम से इंटरनेशनल फर्जी कॉल्स को ट्रैक कर ब्लॉक किया जा रहा है।
Airtel और BSNL जैसी कंपनियों ने फर्जी एग्रीगेटर्स को ब्लैकलिस्ट करते हुए टेलीकॉम सुरक्षा को मजबूत किया है। Sanchar Saathi ऐप और पोर्टल के जरिए उपभोक्ता अब फर्जी कॉल्स की रिपोर्ट कर सकते हैं। इस पहल ने न केवल साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसा है, बल्कि ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाने में बड़ी सफलता हासिल की है।
फर्जी कॉल्स और मैसेज की बढ़ती समस्या को नियंत्रित करने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार और टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने टेलीकॉम कंपनियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए हैं, जिससे फर्जी कॉल्स की संख्या में भारी कमी आई है।
फर्जी कॉल्स पर लगाम
DoT के अनुसार, जहां पहले करोड़ों की संख्या में फर्जी कॉल्स किए जाते थे, अब यह संख्या घटकर प्रतिदिन लगभग 4 लाख रह गई है। भारत में विकसित Spoof Call Prevention System की मदद से इंटरनेशनल कॉल्स को ट्रैक कर ब्लॉक किया जा रहा है। इस सिस्टम के जरिए एक दिन में 1.34 करोड़ फर्जी कॉल्स को रोका गया, जिससे 90% फर्जी इंटरनेशनल कॉल्स पर लगाम लगाई गई है।
फर्जी कॉल्स में अक्सर विदेशी नंबरों को लोकल नंबर की तरह दिखाया जाता था। लेकिन अब, नए AI सिस्टम के तहत, ये नंबर वास्तविक इंटरनेशनल कॉल्स के रूप में प्रदर्शित हो रहे हैं, जिससे यूजर्स को धोखाधड़ी से बचाया जा रहा है।
टेलीकॉम कंपनियों की भागीदारी
Airtel और BSNL जैसी प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों ने इस पहल में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने AI आधारित टूल्स का उपयोग करते हुए 20 से अधिक फर्जी एग्रीगेटर्स और कैरियर्स को ब्लैकलिस्ट किया है। इसके अलावा, Sanchar Saathi पोर्टल और ऐप के माध्यम से यूजर्स को फर्जी कॉल्स और मैसेज की रिपोर्टिंग करने का विकल्प दिया गया है।
साइबर फ्रॉड में कमी
इस नई प्रणाली ने न केवल फर्जी कॉल्स को रोका है, बल्कि साइबर फ्रॉड की घटनाओं में भी कमी आई है। DoT और TRAI द्वारा लागू गाइडलाइंस के पालन से टेलीकॉम कंपनियां अपने AI सिस्टम को लगातार प्रभावी बना रही हैं।
ग्राहकों की सुरक्षा में बड़ी सफलता
यह पहल ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाने और देश में टेलीकॉम सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम साबित हो रही है। मोदी सरकार के इस एक्शन ने फर्जी कॉल्स और मैसेज भेजने वाले स्कैमर्स की कमर तोड़ दी है, जिससे भारत में दूरसंचार क्षेत्र अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बन गया है।