अब्बास अंसारी को भड़काऊ भाषण मामले में दो साल की सजा, विधायकी भी रद्द
मऊ से सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी को भड़काऊ भाषण मामले में कोर्ट ने 2 साल की सजा सुनाई, विधानसभा सदस्यता भी सुप्रीम कोर्ट निर्देशानुसार रद्द। BSS ARCOL was also suspended in the case of two years sentence, अब्बास अंसारी को भड़काऊ भाषण मामले में दो साल की सजा, विधायकी भी रद्द
अब्बास अंसारी को भड़काऊ भाषण मामले में दो साल की सजा, विधायकी भी रद्द
मऊ, उत्तर प्रदेश | 31 मई 2025
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से सुभासपा (सुभासचंद्र समाजवादी पार्टी) के विधायक अब्बास अंसारी को साल 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए भड़काऊ भाषण के मामले में अदालत ने दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इसके साथ ही उन पर तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा के बाद अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता स्वतः समाप्त हो गई है।
कोर्ट का फैसला और विधायकी रद्द
कोर्ट के इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष अब्बास अंसारी की सदस्यता रद्द करने का नोटिफिकेशन जल्द जारी करेंगे। यह नोटिफिकेशन आज की तारीख से प्रभावी होगा। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि किसी सांसद या विधायक को दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होती है, तो उनकी संसद या विधानसभा की सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है।
सुप्रीम कोर्ट ने साल 2013 में एक ऐतिहासिक निर्णय में जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 8(4) को रद्द कर दिया था, जिसके तहत सजा पाए जनप्रतिनिधियों को अपील करने तक पद पर बने रहने की छूट मिलती थी। लेकिन अब ऐसे मामलों में सजा के साथ ही सदस्यता भी तत्काल प्रभाव से समाप्त हो जाती है।
क्या था मामला?
साल 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान अब्बास अंसारी ने एक चुनावी जनसभा में भड़काऊ भाषण दिया था, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर प्रशासन और अधिकारियों को धमकाने वाली बातें कही थीं। इस मामले में उनके खिलाफ आदर्श आचार संहिता और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। लंबे समय से मामला अदालत में चल रहा था, और अब कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए दो साल की कैद सुनाई है।
राजनीतिक असर
अब्बास अंसारी की सदस्यता रद्द होने के बाद मऊ विधानसभा सीट रिक्त हो गई है। इसके चलते उपचुनाव कराए जाने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला राजनीति में आपराधिक छवि वाले नेताओं के लिए एक बड़ा संदेश है। यह सख्ती लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
अब आगे क्या?
कोर्ट के फैसले के खिलाफ अब्बास अंसारी के पास ऊपरी अदालत में अपील करने का विकल्प है, लेकिन जब तक उच्च अदालत से राहत नहीं मिलती, उनकी सदस्यता रद्द ही मानी जाएगी। चुनाव आयोग आने वाले समय में इस सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
प्रमुख बिंदु:
-
अब्बास अंसारी को भड़काऊ भाषण के मामले में 2 साल की सजा
-
कोर्ट ने ₹3,000 का जुर्माना भी लगाया
-
सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार विधायकी रद्द
-
विधानसभा अध्यक्ष जल्द जारी करेंगे सदस्यता रद्द करने का नोटिफिकेशन
-
मऊ सीट रिक्त, उपचुनाव की संभावना
#AbbasAnsari #HateSpeech #CourtVerdict #UttarPradeshPolitics #Disqualification #SupremeCourt