श्री राम दरबार की स्थापना जल्द होगी, गूढ़ मंडप का कार्य लगभग पूरा: चंपतराय
अयोध्या जी के श्रीराम जन्मभूमि परिसर में राम मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने बताया कि राम मंदिर का गूढ़ मंडप अब लगभग पूरा हो चुका है। शीघ्र ही मंदिर के प्रथम तल पर भगवान राम जी के दरबार की स्थापना का कार्य शुरू हो जाएगा।
चंपतराय ने बताया कि रामजन्मभूमि परिसर में बन रहे सभी 18 मंदिरों का निर्माण भी तीव्र गति से चल रहा है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो सभी निर्माण कार्य समय पर पूरे हो जाएंगे।
प्राण-प्रतिष्ठा की वर्षगांठ पर तीन दिवसीय आयोजन होगा
चंपतराय ने जानकारी दी कि राम मंदिर में सभी आयोजन हिंदू पंचांग के अनुसार किए जाते हैं। मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पौष शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि (11 जनवरी) को मनाई जाएगी। इस अवसर पर तीन दिवसीय विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसे "प्रतिष्ठा द्वादशी" के रूप में मनाया जाएगा।
श्री राम मंदिर के महासचिव ने बताया मंदिरों का कार्य प्रगति पर है
राम मंदिर के प्रथम और द्वितीय तल का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। परिसर में तीन ऋषियों के मंदिर बनकर तैयार हो गए हैं, जबकि चार मंदिरों का निर्माण जारी है। इसके अलावा निषादराज, शबरी, अहिल्या, तुलसीदास के मंदिर और परकोटे के मंदिर भी जल्द ही बनकर तैयार हो जाएंगे।
चंपतराय जी ने कहा बाहर के प्रसाद से कभी नहीं लगा भगवान को भोग
चंपतराय ने प्रसाद को लेकर फैली गलत खबरों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि भगवान श्री राम जी को बाहर से लाए गए प्रसाद का भोग कभी नहीं लगाया गया है। भगवान को भोग केवल मंदिर की रसोई में तैयार प्रसाद से ही लगाया जाता है। विशिष्ट अवसरों पर 56 भोग का प्रसाद भले ही बाहर से लाया जाता है, लेकिन उसे भगवान को समर्पित करने की परंपरा है, न कि भोग लगाने की।
चंपतराय ने विश्वास जताया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरे होंगे और भगवान राम जी का भव्य मंदिर जल्द ही दर्शन के लिए तैयार होगा।