अंबेडकर और गांधी के संविधान को खत्म करना चाह रही भाजपा, हम छूने तक नहीं देंगे: राहुल
अंबेडकर और गांधी के संविधान को खत्म करना चाह रही भाजपा, हम छूने तक नहीं देंगे: राहुल
असंध-बरवाला (हरियाणा): कांग्रेस के
पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी के संविधान को खत्म करना चाहती है, लेकिन खुलकर बोल नहीं पाती। किसी भी सूरत में गरीब व दलितों के हितों की रक्षा करने वाले भारतीय संविधान को छूने तक नहीं देंगे। अदाणी और अंबानी को घेरते हुए राहुल ने आरोप जड़ा कि उन्हें फायदा पहुंचाया जा रहा है। अग्निवीर योजना और तीन कृषि कानून अदाणी-अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए लाए गए थे। अग्निवीर योजना को लागू कर जबानों से उनकी और का सरकार छीन लिया है। उन्होंने बृहस्पतिवार को करनाल के असंध और हिसार के बरवाला में चुनावी जनसभाएं की। कुमारी सैलजा ने बरवाला रैली में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ मंच साझा नहीं किया जबकि असंध में हुड्डा उनके साथ थे। कांग्रेस के वादे की याद दिलाते राहुल गांधी बोले, आज नहीं तो कल, हर गरीब परिवार के बैंक खाते में एक लाख रुपये की राशि जरूर डाली जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जितना फायदा अदाणी और अंबानी को पहुंचाया है, वह सारा धन वापस लेकर गरीबों, किसानों और जरूरतमंद लोगों में बांटा जाएगा। उन्होंने ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने तथा किसानों को एमएसपी की गारंटी देने का वादा भी किया।
भाजपा देश को खोखला कर रहीः राहुल ने कहा कि भाजपा सरकार ने देश की सभी संस्थाओं को आरएसएस के हवाले कर दिया है। पूरा कंट्रोल नागपुर का है। उसमें 90 प्रतिशत लोगों के लिए कोई जगह नहीं है। उसमें कोई ओबीसी, दलित या आदिवासी नहीं है। भाजपा देश को खोखला कर रही है। चुनाव आयोग व ब्यूरोक्रेसी में अपने लोग सेट कर दिये हैं। इंटेलीजेंस सर्विस भी अछूती नहीं है।
माल विदेशी, नाम मेक इन इंडिया
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार अदाणी की डिफेंस कंपनी के माध्यम से हथियारों की बिक्री कराना चाहती थी। हथियार इजरायल के बने होते हैं और अदाणी की कंपनी उन्हें बेचती है। हेलीकाप्टर और हवाई जहाज विदेशी कंपनिया बनाती है, मगर प्रधानमंत्री उसे मेक इन इंडिया का नाम
देकर बिकवाते हैं।
हुड्डा, सैलजा को मिलकर सरकार बनाने का टास्क दे गये राहुल
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का हरियाणा दौरा कई मायनों में खास रहा। पिछले कई दिनों से चुनाव प्रचार से दूरी बनाकर रखने वाली कुमारी सैलजा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को राहुल गांधी एक मंच पर लाने में कामयाब रहे। असंध में राहुल गांधी की पहली विजय संकल्प रैली में कुमारी सैलजा ने हुड्डा का पूरे सम्मान के साथ नाम लिया तो हुड्डा ने भी सैलजा को मान-सम्मान देने में कोई कमी नहीं रखी। हुड्डा के साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान ने कुमारी सैलजा को पार्टी की वरिष्ठ नेता बताते हुए राहुल गांधी के समक्ष सभी नेताओं की एकजुटता का संदेश दिया। राहुल ने सैलजा व हुड्डा की नाराजगी दूर करने के लिए हेलीपैड पर दोनों से काफी देर बातचीत की। सैलजा पिछले कई दिनों से नाराज चल रही थीं। सत्ता के केंद्रीकरण के पिछले अनुभवों को याद करते हुए सैलजा भविष्य में इसे दोहराने के हक में नहीं थी। हुड्डा के सामने स्वयं को कई बार सीएम पद का दावेदार घोषित कर चुकी हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात के दौरान सैलजा ने कहा था कि सरकार में सबको और समान हिस्सेदारी मिलनी चाहिये। राज्य में चूंकि दलित 20 से 22 प्रतिशत के बीच हैं, इसलिए कांग्रेस हाईकमान सैलजा की नाराजगी को नजरअंदाज करने का रिस्क नहीं लेना चाहता था। यही वजह है कि उनकी सारी बातों पर सहमति जताई गई।
असंघ रैली के अंत में राहुल गांधी ने ठीक उसी तरह का संदेश दिया राहुल साफतौर पर कहकर गये कि राज्य में सबकी सरकार होगी। कांग्रेस हाईकमान यह अच्छी तरह से जानता है कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा न केवल हरियाणा बल्कि उत्तर भारत के प्रमुख नेता हैं। उनका न सिर्फ जाटों बल्कि गैर जाटों में भी पूरा वजूद है। हुड्डा के पिता चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा भारत की संविधान निर्मात्री सभा के सदस्य थे। भारतीया संविधान पर बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर के साथ हुड्डा के पिता चौधरी रणबीर सिंह के भी हस्ताक्षर मौजूद हैं। राज्य में तीन कृषि कानूनों के विरोध में बड़ा आंदोलन खड़ा करने में हुड्डा ने ही अहम भूमिका निभाई थी। इसके बावजूद राहुल गांधी नहीं चाहते थे कि सैलजा की नाराजगी की वजह से पार्टी को किसी तरह का नुकसान हो। इसलिए उन्होंने दोनों के गिले शिकवे दूर करााने की बड़ी पहल की।
दिखे सैलजा और हुड्डा, हेलीपैड पर राहुल ने दोनों को समझाया बरवाला रैली में सैलजा नहीं पहुंची, हुड्डा ने बेटे दीपेंद्र हुड्डा के साथ किया राहुल का मंच साझा रणदीप सुरजेवाला बेटे के चुनाव में व्यस्त कांग्रेस महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला असंघ और बरवाला दोनों रैलियों में नहीं पहुंचे। उनके बेटे आदित्य सुरजेवाला कैथल से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। इसलिए उन्होंने अपने बेटे के निर्वाचन क्षेत्र में सक्रियता बनाए रखी।
याद दिलाया, बोले आज नहीं तो कल, गरीब के बैंक खाते में एक लाख रुपये डालेंगे करनाल के असंध और हिसार के बरवाला में विजय संकल्प रैलियों में भाजपा पर बरसे राहुल करनाल में चुनावी जनसभा के दौरान >> कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा तथा भूपेंद्र सिंह हुड्डा क साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी। एएनआइ