प्रेरणा विमर्श 2024: पञ्च परिवर्तन से राष्ट्र निर्माण का वैचारिक महाकुम्भ
प्रेरणा विमर्श 2024 एक तीन दिवसीय कार्यक्रम है, जो 22-24 नवम्बर को नोएडा के सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष का विषय पञ्च परिवर्तन – पर्यावरण, परिवार, सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य और स्व-बोध पर आधारित है। इस आयोजन में प्रमुख विचारक और विशेषज्ञ राष्ट्र निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर संवाद करेंगे। प्रेरणा विमर्श में भाग लें और भारत को सशक्त बनाने की दिशा में योगदान करें।
प्रेरणा विमर्श 2024: पञ्च परिवर्तन से राष्ट्र निर्माण का वैचारिक महाकुम्भ
तिथि: 22, 23, 24 नवम्बर 2024
स्थान: सरस्वती शिशु मंदिर, सेक्टर 12, नोएडा
प्रेरणा शोध संस्थान द्वारा आयोजित प्रेरणा विमर्श 2024 एक विशेष कार्यक्रम है, जो राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरक विचारों और संवाद का मंच प्रदान करता है। यह तीन दिवसीय आयोजन देशभर के विचारकों, विद्वानों, और विभिन्न मीडिया आयामों से जुड़े व्यक्तियों का महाकुम्भ बन चुका है, जो समाज और राष्ट्र के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करता है।
कार्यक्रम का उद्देश्य:
इस वर्ष का मुख्य उद्देश्य पञ्च परिवर्तन के सिद्धांतों पर चर्चा करना है, जो समाज के विभिन्न पहलुओं—पर्यावरण, परिवार, सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य और स्व-बोध—के महत्व को उजागर करेगा। इन मुद्दों पर व्यापक विमर्श से समाज को नई दिशा देने की कोशिश की जाएगी।
कार्यक्रम की विशेषताएँ:
22 नवम्बर 2024:
- नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ: इस सत्र का उद्देश्य नारी की शक्ति और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को सम्मानित करना है। यह विशेष सत्र महिलाओं की भूमिका और उनके योगदान को मान्यता देने का अवसर प्रदान करेगा।
23 नवम्बर 2024:
- पर्यावरण सत्र:
- विषय: "माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः"
- मुख्य वक्ता: प्रो. उषा मीना (जेएनयू)
- मुख्य अतिथि: पद्मश्री उमा शंकर पांडेय (पर्यावरणविद्)
- कुटुंब प्रबोधन सत्र:
- विषय: "परिवार हमारा आधार"
- मुख्य वक्ता: श्री वरुण गुलाटी (अखिल भारतीय कुटुंब प्रबोधन गतिविधि)
- मुख्य अतिथि: श्री सूर्य प्रकाश टोंक (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ)
- सामाजिक समरसता सत्र:
- विषय: "संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम्"
- मुख्य वक्ता: श्री विजय सोनकर शास्त्री (लेखक और विचारक)
- मुख्य अतिथि: श्री मंजुल पालीवाल (सामाजिक कार्यकर्ता)
24 नवम्बर 2024:
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स्वधर्म सत्र:
- विषय: "स्वधर्मे निधनं श्रेयः"
- मुख्य वक्ता: श्री मुकुल कानीतकर (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ)
- मुख्य अतिथि: श्री कश्मीरी लाल (स्वदेशी जागरण मंच)
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नागरिक कर्तव्य सत्र:
- विषय: "अधिकार से पूर्व कर्तव्य"
- मुख्य वक्ता: श्री बृजलाल (राज्यसभा सदस्य और पूर्व डीजीपी, उत्तर प्रदेश)
- मुख्य अतिथि: श्रीमती शशिबाला (भारतीय विद्या भवन)
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समापन सत्र:
- विषय: "पंच परिवर्तन से राष्ट्र निर्माण"
- मुख्य वक्ता: श्री सुनील आंबेकर (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ)
- मुख्य अतिथि: डॉ. चिन्मय पंड्या (देव संस्कृति विश्वविद्यालय)
इस आयोजन में सहभागिता कर आप भी राष्ट्र निर्माण के इस संवाद का हिस्सा बन सकते हैं। यह आयोजन देश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले विचारों और रणनीतियों को साझा करने का एक अद्भुत अवसर है। आइए, हम सब मिलकर एक सशक्त भारत का सपना साकार करें।