प्रेरणा शोध संस्थान न्यास प्रेरणा विमर्श 2024 पंच परिवर्तन
रणा विमर्श 2024 में विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता इस मुद्दे पर विचार-विमर्श करेंगे और समाधान के उपाय सुझाएंगे। कार्यशाला में पर्यावरण विशेषज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ पदाधिकारी मार्गदर्शन करेंगे।
प्रेरणा विमर्श 2024: पर्यावरण और प्रदूषण के समाधान की दिशा में अहम पहल
नोएडा स्थित प्रेरणा शोध संस्थान न्यास द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय कार्यक्रम प्रेरणा विमर्श 2024 का आयोजन 22 से 24 नवंबर के बीच होगा। इस वर्ष का विषय "पंच परिवर्तन" है, जिसमें पर्यावरण, प्रदूषण और समाज के अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी।
कार्यक्रम का शुभारंभ 22 नवंबर को 108 कुण्डीय नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ से किया जाएगा। आयोजन समिति द्वारा प्रेस वार्ता में बताया गया कि यह विमर्श पर्यावरण संरक्षण और बढ़ते प्रदूषण जैसी ज्वलंत समस्याओं का व्यवहारिक समाधान ढूंढ़ने का प्रयास करेगा।
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन चुका है। प्रेरणा विमर्श 2024 में विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता इस मुद्दे पर विचार-विमर्श करेंगे और समाधान के उपाय सुझाएंगे। कार्यशाला में पर्यावरण विशेषज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ पदाधिकारी मार्गदर्शन करेंगे।
प्रमुख वक्ता और उनकी भूमिका
कार्यक्रम में डॉ. चिन्मय पंड्या (देव संस्कृति विश्वविद्यालय), पद्मश्री उमाशंकर पांडे (जल योद्धा), प्रो. ऊषा मीणा (जेएनयू), और विमला बाथम (पूर्व अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश महिला आयोग) जैसे गणमान्य लोग अपने अनुभव साझा करेंगे। इनके साथ श्री सुनील आंबेकर (प्रचार प्रमुख, RSS) और श्री मुकुल कानितकर (वरिष्ठ प्रचारक) विचार-विमर्श को दिशा देंगे।
विचार से व्यवहार तक का उद्देश्य
कार्यक्रम का उद्देश्य इन गंभीर विषयों को वैचारिक स्तर से उठाकर व्यवहारिक रूप से समाज तक पहुंचाना है। आयोजन समिति ने बताया कि पंच परिवर्तन को समाज में व्यापक स्तर पर लागू करने का यह प्रयास प्रेरणा विमर्श को एक नई पहचान देगा।
पिछले प्रेरणा विमर्श की विरासत
प्रेरणा विमर्श-2020, 2021, 2022, और 2023 में भारतीय विरासत, सामाजिक समरसता, और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर सार्थक संवाद हुआ। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्रेरणा विमर्श 2024 पर्यावरणीय मुद्दों और सामाजिक कर्तव्यों को प्राथमिकता देगा।
ऑनलाइन पंजीकरण और भागीदारी
कार्यक्रम में देशभर के 30 से अधिक जनसंचार संस्थानों के शोधार्थी, विद्यार्थी, और सामाजिक कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे। आयोजन समिति ने लोगों से ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से जुड़ने का आह्वान किया है।
समाज को नई दिशा देने की उम्मीद
यह कार्यक्रम न केवल पर्यावरण और प्रदूषण जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेगा, बल्कि नागरिक कर्तव्य, नारी सशक्तिकरण, और सामाजिक समरसता के लिए एक नई दिशा प्रदान करेगा।
प्रेरणा विमर्श 2024 से यह उम्मीद की जा रही है कि इसके माध्यम से प्रदूषण और अन्य समस्याओं के समाधान की ठोस कार्ययोजना तैयार होगी।