आतंकी कसाब को फांसी दिलाने वाले निकम समेत चार हस्तियां पहुंचीं राज्यसभा
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आतंकी कसाब को फांसी दिलाने वाले निकम समेत चार हस्तियां पहुंचीं राज्यसभा
पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन, समाजसेवी सदानंदन और इतिहासकार मीनाक्षी जैन भी उच्च सदन के लिए मनोनीत
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के मामले में विशेष लोक अभियोजक रहे और आतंकी कसाब को फांसी की सजा दिलाने वाले उज्ज्वल निकम, पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, केरल से भाजपा नेता सी सदानंदन मास्टर, इतिहासकार मीनाक्षी जैन को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है। सदानंदन मास्टर पहले माकपा से जुड़े थे। बाद में वे आरएसएस की विचारधारा के करीब आने लगे तो वामपंथी हिंसा के निशाने पर आ गए। वर्ष 1994 में उनके प्रतिद्वंद्वियों ने उनके दोनों पैर काट दिए थे।
बता दें कि राज्यसभा में सदस्यों की कुल संख्या 245 होती है। इनमें 233 निर्वाचित होते हैं। शेष 12 को राष्ट्रपति द्वारा कला, साहित्य, विज्ञान एवं समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में विशिष्ट कार्यों के आधार पर मनोनीत किया जाता है। इन चार लोगों के मनोनयन के बाद राज्यसभा में अब यह कोटा पूरा हो गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मनोनीत विशिष्ट व्यक्तियों को बधाई दी और चारों सदस्यों के योगदान को सराहा।
मोदी ने निकम की सराहना करते हुए कहा- 'उज्ज्वल निकम का कानूनी क्षेत्र और हमारे संविधान के प्रति समर्पण अनुकरणीय है। अपने पूरे कानूनी करियर के दौरान निकम ने हमेशा संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने और आम नागरिकों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए काम किया है।' मोदी ने राजनयिक के रूप में श्रृंगला के योगदान की सराहना करते हुए कहा, उन्होंने एक राजनयिक, बुद्धिजीवी और रणनीतिक विचारक के रूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। पिछले कई वर्षों में भारत की विदेश नीति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उनका अद्वितीय दृष्टिकोण संसदीय कार्यवाही को और समृद्ध बनाएगा। मीनाक्षी जैन के संबंध में पीएम ने कहा-'उन्होंने एक विद्वान, शोधकर्ता और इतिहासकार के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। शिक्षा, साहित्य, इतिहास और राजनीति विज्ञान के क्षेत्र में उनके कार्यों ने अकादमिक विमर्श को महत्वपूर्ण रूप से समृद्ध किया है। संसदीय कार्यकाल के लिए उन्हें शुभकामनाएं।'
प्रधानमंत्री ने सदानंदन मास्टर की सराहना करते हुए कहा कि उनका जीवन साहस और अन्याय के आगे न झुकने की भावना का प्रतीक है। मोदी ने कहा-'हिंसा और धमकी राष्ट्र के विकास के प्रति उनके जज्बे को रोक नहीं सकी। एक शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी उनके प्रयास सराहनीय हैं। युवा सशक्तीकरण के प्रति उनकी गहरी आस्था है।'