सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सरसंघचालक जी की तस्वीर का सच
फर्जी दावे वायरल तस्वीर और वीडियो को गलत संदर्भ में पेश करते हुए कहा जा रहा है कि मोहन भागवत ने एक विशेष धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया था। इसके चलते सोशल मीडिया पर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सरसंघचालक जी की तस्वीर का सच
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक तस्वीर और वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत एक कार्यक्रम में शामिल होते नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर और वीडियो को लेकर कई भ्रामक दावे किए जा रहे हैं।
फर्जी दावे वायरल तस्वीर और वीडियो को गलत संदर्भ में पेश करते हुए कहा जा रहा है कि मोहन भागवत ने एक विशेष धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया था। इसके चलते सोशल मीडिया पर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
इस तस्वीर और वीडियो की सत्यता की जांच करने पर पता चला कि यह सरसंघचालक मोहन भागवत और ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन के चीफ इमाम डॉ. इमाम उमेर अहमद इलियासी का है। यह तस्वीर 8 जुलाई 2023 की है, जब दिल्ली में मुख्य इमाम डॉ. इमाम उमेर अहमद इलियासी के बेटे फैज़ान मुनीर के दावत-ए-वलीमा (रिसेप्शन) का आयोजन किया गया था। इस समारोह में सरसंघचालक मोहन भागवत समेत कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
दावत-ए-वलीमा का यह कार्यक्रम दो समुदायों के बीच सौहार्द और भाईचारे को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इसमें शामिल होने वाले अतिथियों ने इसे एक सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन के रूप में देखा, जिसका उद्देश्य समाज में सद्भावना और सहयोग को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर मोहन भागवत और डॉ. इमाम उमेर अहमद इलियासी के बीच मधुर संवाद भी हुआ।
इस तरह के कार्यक्रम में भाग लेना सामाजिक सौहार्द और विभिन्न समुदायों के बीच समझ बढ़ाने के प्रयास का एक हिस्सा है। वायरल हो रही तस्वीर और वीडियो को गलत संदर्भ में प्रस्तुत करने से गलतफहमी और विवाद उत्पन्न होते हैं। इसीलिए यह आवश्यक है कि हम सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सूचनाओं की सच्चाई की पुष्टि करें और फर्जी खबरों से बचें।
इस खबर को लेकर आरएसएस और ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन ने भी जनता से अपील की है कि वे इस तस्वीर और वीडियो को सही संदर्भ में समझें और किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी को फैलने से रोकें। फर्जी खबरों को रोकने के लिए समाज के सभी वर्गों को सतर्क रहना चाहिए।
