भारत के दबाव के आगे झुका पाकिस्तान, बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ को सौंपा
भारत के दबाव के आगे झुका पाकिस्तान, बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ को सौंपा
भारत के दबाव के आगे झुका पाकिस्तान, बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ को सौंपा
अमृतसर, पाकिस्तान से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात बीएसएफ (BSF) के जवान पूर्णम कुमार शॉ (Purnam Kumar Shaw) को पाकिस्तान ने आखिरकार भारत को सौंप दिया है। 23 अप्रैल को गलती से सीमा पार करने के बाद उन्हें पाकिस्तानी रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया था। भारत की सख्त प्रतिक्रिया और दबाव के बाद अटारी बॉर्डर के जरिए जवान की घर वापसी संभव हो सकी।
बीएसएफ की 182वीं बटालियन में तैनात जवान पूर्णम कुमार शॉ फिरोजपुर सेक्टर के गेट नंबर 208/1 के पास तैनात थे। जानकारी के मुताबिक, 23 अप्रैल को उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके चलते वह पास के एक पेड़ के नीचे बैठ गए। इसी दौरान वह अनजाने में जीरो लाइन पार कर गए, जहां पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया और उनके हथियार भी छीन लिए।
घटना की सूचना मिलते ही भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई की और पाकिस्तान से संपर्क साधा। बातचीत के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि जवान हाल ही में इस पोस्ट पर तैनात हुए थे और उन्हें जीरो लाइन की सटीक जानकारी नहीं थी। इसके बावजूद पाकिस्तान ने उन्हें तत्काल रिहा करने से इनकार कर दिया।
हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा की गई कड़ी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान पर दबाव बढ़ा और उसने बीएसएफ जवान को वापस सौंप दिया। सीजफायर समझौते के तहत पाकिस्तानी रेंजर्स ने पूर्णम कुमार शॉ को अटारी बॉर्डर पर भारत को सौंपा।
जवान की सकुशल वापसी के बाद बीएसएफ और उनके परिवार ने राहत की सांस ली है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दर्शाया है कि भारत की कूटनीतिक और सैन्य दृढ़ता के सामने पाकिस्तान को झुकना पड़ा।