छठ घाट सेवा शिविर का आयोजन: संघ का समाज सेवा में योगदान
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जमशेदपुर के जुगसलाई नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने छठ पर्व के अवसर पर एक विशेष सेवा शिविर का आयोजन किया। विंध्यवासिनी मंदिर के सामने आयोजित इस शिविर में महाकालेश्वर छठ घाट पर भी संघ के स्वयंसेवक सक्रिय रहे ताकि छठ व्रतधारियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस सेवा शिविर में छठ व्रतधारियों के लिए आवश्यक सामग्री जैसे गाय का दूध, आम का दातुन, अगरबत्ती, गंगाजल, हनुमान चालीसा, चाय-बिस्कुट, और चना वितरित किया गया। श्रद्धालुओं ने इस सेवा का लाभ उठाया और संघ के प्रयास की सराहना की।
सेवा कार्य में नगर संघचालक अवध किशोर बरनवाल, नगर कार्यवाह संतोष साहू, नवल किशोर बरनवाल, पिंटू अग्रवाल, गौरव खंडेलवाल, सुमित गोयल, मनोज अग्रवाल, विजय कुमार गुप्ता सहित कई अन्य स्वयंसेवकों ने भाग लिया। इन सभी का योगदान समाज में सहयोग और समर्पण की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से था।
छठ पूजा क्या है?
छठ पूजा बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में मनाया जाने वाला एक प्रमुख हिंदू त्योहार है, जिसमें सूर्य देवता और छठी मैया की उपासना की जाती है। यह चार दिनों का पर्व होता है जिसमें व्रतधारी नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य जैसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान करते हैं। इसे विशेष रूप से संतान और परिवार की खुशहाली के लिए मनाया जाता है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) क्या है?
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत का एक स्वयंसेवी संगठन है, जो समाज सेवा, राष्ट्रीयता और सांस्कृतिक जागरूकता के लिए समर्पित है। आरएसएस का उद्देश्य समाज में सहयोग, एकता और अनुशासन की भावना को बढ़ावा देना है। संघ के स्वयंसेवक समय-समय पर सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेते हैं, जैसे कि छठ पूजा के अवसर पर छठ घाटों पर सेवा शिविर का आयोजन।
आरएसएस के इस प्रकार के सेवा कार्य समाज में एकजुटता और सांस्कृतिक धरोहर के प्रति आदर की भावना को सुदृढ़ करते हैं।