बेंगलुरु में मुस्लिम युवती को किया गया परेशान, बुर्का उतारने का बनाया दबाव, हिंदू युवक के साथ बैठना बना वजह
Muslim girl was harassed Bengaluru she was forced remove her burqa reason was sitting with Hindu boy, बेंगलुरु में मुस्लिम युवती को किया गया परेशान, बुर्का उतारने का बनाया दबाव, हिंदू युवक के साथ बैठना बना वजह
बेंगलुरु में मुस्लिम युवती को किया गया परेशान, बुर्का उतारने का बनाया दबाव, हिंदू युवक के साथ बैठना बना वजह
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बेंगलुरु से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मुस्लिम महिला को सार्वजनिक स्थान पर केवल इसलिए परेशान किया गया क्योंकि वह एक हिंदू युवक के साथ बैठी हुई थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे कुछ दबंग युवकों के समूह ने महिला से ना सिर्फ बदतमीजी की, बल्कि उस पर बुर्का उतारने का भी दबाव बनाया।
घटना के वायरल वीडियो में यह देखा गया कि एक मुस्लिम युवती एक हिंदू युवक के साथ किसी सार्वजनिक स्थान पर बैठी हुई थी। तभी कुछ लोग वहां पहुंचे और महिला से उसका नाम पूछने लगे। महिला असहज होकर युवक के पीछे छिपने की कोशिश करती नजर आई, लेकिन आरोपित युवक उस पर सवालों की बौछार करने लगे। उन्होंने पूछा कि एक मुस्लिम महिला और हिंदू युवक साथ कैसे बैठ सकते हैं। जब युवक ने स्पष्ट किया कि वे केवल दोस्त हैं, तब भी उन लोगों ने इसे 'दोस्ती से ज्यादा' बताकर महिला को धमकाना शुरू कर दिया।
वीडियो में यह भी साफ देखा जा सकता है कि आरोपी महिला से बार-बार उसका नाम पूछते हैं और कहते हैं कि यदि वह ऐसा करना चाहती है, तो बुर्का पहनकर नहीं कर सकती। उन्होंने यहां तक कह दिया कि वह पहले बुर्का उतारे, फिर जहां चाहे जाए। महिला जब अपनी सहेली का हाथ पकड़कर वहां से निकलने की कोशिश करती है, तब आरोपी उनका पीछा करते हैं और बार-बार बुर्का उतारने की मांग करते हैं। आरोपी यह भी दावा करते हैं कि वे महिला पर होटल में दाखिल होने के समय से नजर रखे हुए थे।
इस पूरी घटना को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। लोगों ने न सिर्फ इस तरह की हरकत की निंदा की है, बल्कि पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग भी की है। कई यूजर्स का कहना है कि यह एक महिला की आज़ादी और उसकी निजता पर सीधा हमला है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। यह घटना न सिर्फ सामाजिक सौहार्द पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि किस तरह व्यक्तिगत स्वतंत्रता को साम्प्रदायिक नजरिए से कुचलने की कोशिश की जा रही है।