प्रधानमंत्री मोदी चंडीगढ़ में समर्पित करेंगे तीन नए आपराधिक कानून, राष्ट्र की न्याय प्रणाली में बड़ा बदलाव
Modi will dedicate three criminal laws in Chandigarh change the justice system of the nation प्रधानमंत्री मोदी चंडीगढ़ में समर्पित करेंगे तीन नए आपराधिक कानून, राष्ट्र की न्याय प्रणाली में बड़ा बदलाव
प्रधानमंत्री मोदी चंडीगढ़ में समर्पित करेंगे तीन नए आपराधिक कानून, राष्ट्र की न्याय प्रणाली में बड़ा बदलाव
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 3 दिसंबर, 2024 को चंडीगढ़ में तीन महत्वपूर्ण आपराधिक कानूनों - भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के सफल कार्यान्वयन को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर का आयोजन दोपहर 12 बजे होगा।
कार्यक्रम का मुख्य विषय: "सुरक्षित समाज, विकसित भारत - दंड से न्याय तक"
इस कार्यक्रम का मूल विषय न्याय प्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बनाकर एक सुरक्षित समाज और विकसित भारत की नींव रखना है। नए आपराधिक कानूनों को औपनिवेशिक काल के अप्रासंगिक कानूनों को हटाने और आधुनिक भारत की न्यायिक आवश्यकताओं के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
नए आपराधिक कानून: ऐतिहासिक सुधार का प्रतीक
1 जुलाई, 2024 को पूरे देश में लागू किए गए ये तीनों कानून भारत की न्याय प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक हैं। इनका उद्देश्य अपराध पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाना और साइबर अपराध, संगठित अपराध जैसी आधुनिक चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटना है।
ये कानून न केवल अपराधियों को कठोर दंड देने पर केंद्रित हैं बल्कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए नवीन प्रक्रियाओं और तकनीकों का उपयोग भी करते हैं।
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं
कार्यक्रम में इन कानूनों के व्यावहारिक उपयोग का प्रदर्शन किया जाएगा।
- लाइव प्रदर्शन:
इसमें एक अपराध स्थल की जांच और नई प्रक्रियाओं का पालन करते हुए न्याय प्रक्रिया को दिखाया जाएगा। - न्याय प्रणाली में बदलाव का प्रदर्शन:
यह दिखाया जाएगा कि कैसे ये कानून वर्तमान न्यायिक ढांचे को नया आकार दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री की दृष्टि से प्रेरित कानून
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता के बाद भी लागू औपनिवेशिक कानूनों को हटाने और न्याय प्रणाली को आधुनिक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया था। इन कानूनों का निर्माण उनकी इसी दृष्टि से प्रेरित है। "दंड से न्याय तक" के मूल मंत्र पर आधारित यह सुधार न्याय प्रणाली में आम जनता का विश्वास बढ़ाने के साथ ही देश को सुरक्षित समाज की ओर ले जाएगा।
आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार न्याय व्यवस्था
नए कानून साइबर अपराध, मनी लॉन्ड्रिंग, संगठित अपराध और महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों जैसे मामलों में शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। साक्ष्य अधिनियम के अंतर्गत डिजिटल साक्ष्यों का उपयोग भी न्याय प्रणाली का अहम हिस्सा होगा।
प्रधानमंत्री का यह कदम भारत की न्याय व्यवस्था में एक नई क्रांति का प्रतीक है। यह कार्यक्रम न केवल कानूनों की सफलता को प्रदर्शित करेगा बल्कि भविष्य के लिए न्याय प्रणाली को और भी प्रभावी बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करेगा।
यह पहल "सुरक्षित समाज, विकसित भारत" की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। इससे न्याय पाने की प्रक्रिया और आसान व पारदर्शी होगी, जिससे भारत के नागरिकों को सशक्त और संरक्षित महसूस होगा।