दहशतगर्दों की अब खैर नहीं! भारतीय सेना के लिए 54,000 करोड़ के सैन्य सौदे मंजूर, आ रही ब्रह्मोस, टॉरपीडो और 'नेत्र' विमान
भारतीय सेना को बड़ा बूस्ट! रक्षा मंत्रालय ने 54,000 करोड़ रुपये की सैन्य आधुनिकीकरण योजनाओं को मंजूरी दी। ब्रह्मोस मिसाइल, 6 AEW&C नेत्र विमान, टी-90 टैंक अपग्रेड, वरुणास्त्र टॉरपीडो और एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइलों से सेना होगी और ताकतवर। जानिए पूरी जानकारी। Military deals worth Rs 54000 crore approved for Indian Army, दहशतगर्दों की अब खैर नहीं! भारतीय सेना के लिए 54,000 करोड़ के सैन्य सौदे मंजूर, आ रही ब्रह्मोस, टॉरपीडो और 'नेत्र' विमान
दहशतगर्दों की अब खैर नहीं! भारतीय सेना के लिए 54,000 करोड़ के सैन्य सौदे मंजूर, आ रही ब्रह्मोस, टॉरपीडो और 'नेत्र' विमान
नई दिल्ली। भारतीय सेना की ताकत में एक बार फिर बड़ा इजाफा होने जा रहा है। सीमाओं पर बैठकर साजिश रचने वाले आतंकियों और दहशतगर्दों के खिलाफ भारतीय सेना ने अपनी तैयारी और पुख्ता कर ली है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक में सेना के लिए 54,000 करोड़ रुपये की लागत वाली सैन्य आधुनिकीकरण परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है।
इन परियोजनाओं में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना तीनों के लिए घातक हथियार और आधुनिक उपकरणों को शामिल किया गया है।
ब्रह्मोस मिसाइल और अब और घातक
रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना और वायुसेना के लिए ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की तैनाती को और बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस पर करीब 20,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अब इसकी मारक क्षमता 290 किलोमीटर से बढ़ाकर 450 किलोमीटर कर दी गई है। भारत और रूस के संयुक्त प्रयास से तैयार यह मिसाइल अब भारतीय सेना के लिए प्रमुख प्रहार हथियार बन चुकी है।
वायुसेना को मिलेंगे 6 नए ‘नेत्र’ विमान
भारतीय वायुसेना की निगरानी क्षमता को और मजबूती देने के लिए DAC ने 6 AEW&C मार्क 1A (नेत्र) एयरक्राफ्ट खरीदने को मंजूरी दी है। इन विमानों की कुल लागत 9,000 करोड़ रुपये से अधिक होगी। यह विमान ब्राजील के एम्ब्रेयर 145 जेट पर आधारित होंगे, जिन्हें स्वदेशी रडार सिस्टम और निगरानी उपकरणों से लैस किया जाएगा। फिलहाल भारतीय वायुसेना के पास केवल 3 नेत्र विमान और 3 इजरायली फाल्कन रडार सिस्टम हैं। ऐसे में ये नए विमान चीन और पाकिस्तान से होड़ में भारत की स्थिति को और मजबूत करेंगे।
नौसेना को मिलेंगे टॉरपीडो और एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल
भारतीय नौसेना के लिए भी बड़ी घोषणाएं की गई हैं। वरुणास्त्र टॉरपीडो और रूसी श्तिल एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइलों को मंजूरी दी गई है। इन मिसाइलों को नौसेना के चार 3,900 टन वजनी अपग्रेडेड क्रिवाक III फ्रिगेट्स पर तैनात किया जाएगा। इनमें से पहला युद्धपोत INS तुशील पहले ही रूस से भारत रवाना हो चुका है। शेष तीन फ्रिगेट्स में से एक इस साल भारत आएगा, जबकि बाकी दो का निर्माण गोवा शिपयार्ड में ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी के तहत किया जा रहा है। इसकी कुल लागत 13,000 करोड़ रुपये है।
टैंकों के इंजन होंगे अपग्रेड
इसके अलावा भारतीय सेना के लिए टी-90 टैंकों के इंजन अपग्रेड का भी प्रस्ताव पास किया गया है। इससे भारत के बख्तरबंद बेड़े की मारक क्षमता और युद्धक्षमता में और इजाफा होगा।
अंतिम फैसला अभी बाकी
गौरतलब है कि रक्षा अधिग्रहण परिषद द्वारा दी गई यह स्वीकृति रक्षा खरीद प्रक्रिया का पहला चरण है। अनुबंधों को अंतिम रूप देने और इन्हें जमीन पर उतारने में कुछ साल लग सकते हैं।
भारत ने एक बार फिर दिखा दिया है कि वह अपनी सीमाओं की सुरक्षा और दुश्मनों से निपटने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। भारतीय सेना की यह नई तैयारी आतंकियों और दुश्मन देशों के लिए बड़ा संदेश है—अब कोई भी दुस्साहस महंगा पड़ेगा।
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