मुझे प्रियंका से ज्यादा जन प्रतिनिधित्व का अनुभव नव्या हरिदास

भाजपा की उम्मीदवार नव्या दो बार पार्षद रह चुकी हैं, नामांकन से पूर्व प्रियंका गांधी आज करेंगी रोडशो भाजपा महिला मोर्चे की प्रदेश महासचिव हैं। प्रियंका के खिलाफ चुनाव लड़ना उनके लिए कुछ अलग नहीं है। गौरतलब है कि रायबरेली सीट से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद राहुल गांधी ने वायनाड सीट छोड़ दी थी छह विस सीटों पर तृणमूल, भाजपा, कांग्रेस व वामो में होगी लड़ाई।

मुझे प्रियंका से ज्यादा जन प्रतिनिधित्व का अनुभव नव्या हरिदास

I have more experience in public representation than Priyanka Navya Haridas

आगामी 13 नवंबर को होने वाले वायनाड लोकसभा सीट के उपचुनाव से पूर्व राजनीतिक उबाल दिखने लगा है। भाजपा की उम्मीदवार नव्या हरिदास ने कहा है कि उनके पास जनप्रतिनिधि के रूप में प्रियंका गांधी से ज्यादा अनुभव है और लोग उन्हें ही चुनेंगे।


नव्या एक साफ्टवेयर इंजीनियर हैं और सिंगापुर व नीदरलैंड में भी काम कर चुकी हैं। कलपेट्टा में एक रोडशो के दौरान उन्होंने कहा कि प्रियंका वाड्रा कांग्रेस की महासचिव हैं, लेकिन उनके पास जनप्रतिनिधित्व का अनुभव नहीं है। वह केवल नेहरू के खानदान से होने के कारण राष्ट्रीय शख्सियत हैं। यह उनका पहला चुनाव है। दो बार कोझिकोड में पार्षद रह चुकी नव्या ने 2021 विधानसभा चुनाव भी लड़ा था

भाजपा महिला मोर्चे की प्रदेश महासचिव हैं। प्रियंका के खिलाफ चुनाव लड़ना उनके लिए कुछ अलग नहीं है। गौरतलब है कि रायबरेली सीट से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद राहुल गांधी ने वायनाड सीट छोड़ दी थी और अब यहां उपचुनाव होना है। इसके  लिए कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को चुना है और वह पहली बार चुनाव लड़ेंगी।

वायनाड के लिए प्रियंका से अच्छा कोई नहींः प्रियंका गांधी के वायनाड सीट से नामांकन से एक दिन पूर्व राहुल गांधी ने कहा है कि वह उनकी बहन से अच्छे किसी और प्रतिनिधि के बारे में कल्पना नहीं कर सकते। एक्स पोस्ट में राहुल ने लिखा कि मुझे विश्वास है कि वह (प्रियंका) वायनाड की जरूरतों को समझने में सबसे योग्य हैं और संसद में यहां की मजबूत आवाज बनेंगी। आइए सभी एकजुट होकर यह सुनिश्चित करें कि वायनाड का प्रेम से प्रतिनिधित्व किया जाता रहे।


धियंका के रोडशो में झंडों पर रोक नहींः कांग्रेस ने फैसला किया कि बुधवार को वायनाड में प्रियंका के रोडशो में सहयोगी दलों के झंडों के उपयोग पर पाबंदी नहीं होगी। पार्टी सूत्रों ने कहा कि यह निर्णय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस साल वायनाड में लोस चुनाव में राहुल गांधी के रोडशो में कांग्रेस और सहयोगी दलों के झंडे नहीं दिखे थे, जिसके बाद माकपा ने आरोप लगाया कि देश की सबसे पुरानी पार्टी इस बात से डर गई है कि भाजपा क्या कहेगी।

गौरतलब है कि 2019 लोस चुनाव में कांग्रेस के सहयोगी आइयूएमएल के हरे झंडे, पार्टी के झंडों से अधिक थे, जिसपर भाजपा नेता अमित शाह ने टिप्पणी की थी कि यह समझना मुश्किल था कि रोड शो भारत में था या पाकिस्तान में।
प्रियंका-सोनिया पहुंचीं वायनाडः कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी मंगलवार रात को वायनाड पहुंच गईं।

बंगाल में अलग हुईं कांग्रेस व वामो की राहें, होगा चतुष्कोणीय मुकाबला

बंगाल की छह विधानसभा (विस) सीटों पर आगामी 13 नवंबर को होने वाले उपचुनाव के लिए वाममोर्चा (वामो) की ओर से प्रत्याशियों की घोषणा से साफ हो गया है कि इस चुनाव में कांग्रेस से उसका गठबंधन नहीं होने जा रहा और अबकी बार चतुष्कोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा। मालूम हो कि कांग्रेस व वामो ने पिछला बंगाल विस व लोकसभा समेत कई चुनाव साथ मिलकर लड़े थे, हालांकि उनके गठबंधन को सफलता नहीं मिली। विस उपचुनाव के लिए बंगाल में सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस व भाजपा अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है। पता चला है कि बंगाल कांग्रेस भी अपने प्रत्याशियों की सूची दिल्ली हाईकमान को भेज चुकी है।  

सूत्रों के हवाले से खबर है कि बंगाल कांग्रेस के नए अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने गठबंधन के लिऐ वामो के अध्यक्ष बिमान बोस से सोमवार दोपहर संपर्क किया था। | शुभंकर वामो से सिताई सीट चाहते थे लेकिन बिमान ने उनसे साफ तौर पर कह दिया कि अब बहुत देर हो चुकी है।  

वामो इस सीट पर अपने सहयोगी दल फारवर्ड ब्लाक के प्रत्याशी को उतारने का निर्णय ले चुका है। इसके बाद शुभंकर की ओर से नैहाटी सीट कांग्रेस के लिए छोड़ने का अनुरोध करने पर बिमान ने कहा कि अब यह संभव नहीं है। इसके बाद बंगाल कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की सूची तैयार करके हाईकमान को भेज दी।