इराक़ में मौलाना का विवादास्पद फरमान: 9 साल की बच्चियों से निकाह का आदेश"

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Nov 12, 2024 - 20:45
Nov 12, 2024 - 20:49
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इराक़ में मौलाना का विवादास्पद फरमान: 9 साल की बच्चियों से निकाह का आदेश"

इराक़ में मौलाना का विवादास्पद फरमान: 9 साल की बच्चियों से निकाह का आदेश

इराक़ में कुछ मौलानाओं द्वारा जारी किया गया एक नया फरमान विवाद का कारण बन गया है। इसके तहत यह कहा गया है कि 9 साल की बच्चियों से निकाह किया जा सकता है, क्योंकि इस उम्र में बच्चियों के गुप्तांगों का विकास शुरू हो जाता है। यह फरमान समाज में हंगामा पैदा करने के साथ-साथ मानवीय अधिकारों और बाल विवाह के खिलाफ चल रहे संघर्ष को भी चुनौती दे रहा है।

इस फरमान में यह भी कहा गया है कि अगर कोई बच्ची कम उम्र के कारण शारीरिक संबंध स्थापित नहीं कर पा रही है, तो उसे निर्वस्त्र कर उसके साथ "व्यक्तिगत सुख" प्राप्त किया जा सकता है। यह विवादास्पद बयान पहले से ही विरोध का सामना कर रहा है, क्योंकि यह बच्चों के अधिकारों और उनके शारीरिक, मानसिक सुरक्षा के खिलाफ प्रतीत होता है।

सरकार ने इस फरमान को मंजूरी दी है, जिससे इराक़ में कई अधेड़ पुरुषों द्वारा 9 साल की बच्चियों से निकाह करने की मांग तेज हो गई है। यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और बाल अधिकार समूहों के लिए चिंता का विषय बन चुका है।

बाल विवाह और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए कई संगठन इराक़ सरकार से इस तरह के फैसलों को खारिज करने की अपील कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे फरमानों से बच्चों की सुरक्षा और भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

बाल विवाह को रोकने और बच्चों को उनके अधिकार देने के लिए कई देशों ने कानून बनाए हैं, और यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंता का कारण बना हुआ है।

निष्कर्ष: यह मामला एक गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन के रूप में उभरा है, और इसकी जांच तथा स्थिति स्पष्ट करने की आवश्यकता है। बाल विवाह और बच्चों के शारीरिक और मानसिक भले के खिलाफ ऐसे कृत्य समाज में असुरक्षा और दुरुपयोग को बढ़ावा देते हैं।

AGUSTYA ARORA पत्रकार, लेखक, प्रोड्यूसर और भारतीय न्यूज़ के सहारनपुर जिला प्रभारी चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से पत्रकारिता में स्नातक. सामाजिक एवं राजनीतिक, शिक्षा जैसे विषयों में रुचि.