विकसित भारत के लिए तैयार करना होगा सांस्कृतिक पुनर्जागरण का वातावरण : राजनाथ

विकसित भारत के लिए तैयार करना होगा सांस्कृतिक पुनर्जागरण का वातावरण : राजनाथ, An environment of cultural renaissance will have to be created for developed India.

विकसित भारत के लिए तैयार करना होगा सांस्कृतिक पुनर्जागरण का वातावरण : राजनाथ

An environment of cultural renaissance will have to be created for developed India.
 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, हमें यदि विकसित भारत का निर्माण करना है, तो भारत में फिर से एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण का वातावरण बनाना होगा। आज भारत की आजादी का अमृतकाल चल रहा है और यह भी संयोग है कि स्वामी दयानंद सरस्वती का द्विशताब्दी वर्ष भी इसी दौरान चल रहा है। जैसे स्वामीजी ने एक जागरूक सांस्कृतिक भारत की कल्पना की थी, वैसे ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत का लक्ष्य रखा है।

रक्षा मंत्री राजनाथ भारत मंडपम में आर्य समाज की ओर से आयोजित 150वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में स्वामी दयानंद सरस्वती पर डाक टिकट का भी अनावरण किया गया। राजनाथ ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती न केवल वेदों की मीमांसा करने वाले ऋषि मात्र थे, बल्कि वे देश में नई सांस्कृतिक यात्रा के प्रकाश पुंज थे। स्वातंत्र्य वीर सावरकर  ने उनकी भूमिका और योगदान के बारे में लिखा है कि स्वामीजी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के पहले योद्धा थे। उन्होंने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती का प्रभाव कई ऐसे महापुरुषों पर भी पड़ा, जो अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष कर रहे थे।
लाला लाजपत राय, राम प्रसाद बिस्मिल, स्वामी  श्रद्धानंद जैसे क्रांतिकारियों की एक पूरी श्रृंखला तैयार हुई, जो आर्य समाज से प्रभावित थी। आयोजन में वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक के समर्थन में प्रस्ताव भी पारित किया गया तथा बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार पर चिंता जताई गई।
आर्य समाज के 150 वें स्थापना समारोह तथा महर्षि दयानंद सरस्वती की 200 जयंती पर आयोजित समारोह में डाक टिकट जारी करते केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मौजूद विशिष्ट लोग