लखनऊ से मेरठ जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर हुए पथराव की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस ट्रेन में मोहन भागवत सवार थे,
लखनऊ से मेरठ जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर हुए पथराव की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस ट्रेन में मोहन भागवत सवार थे, उसी पर दोपहर के समय पत्थर फेंका गया।
क्या है पूरा मामला?
बताया गया है कि लखनऊ से मेरठ जा रही वंदे भारत ट्रेन पर उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के कौढ़ा गांव के पास दोपहर लगभग 3:20 बजे पथराव किया गया। पत्थर इतनी तेज़ी से फेंका गया कि ट्रेन की आगे वाली कोच C-4 की खिड़की का शीशा टूट गया और कांच के टुकड़े बिखर गए।
घटना के समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत भी ट्रेन में मौजूद थे। वे ई-1 कोच में सफर कर रहे थे। हालांकि जिस कोच पर पत्थर लगा, वह उनसे अलग थी।
सुरक्षा एजेंसियों में मचा हड़कंप
जैसे ही यह जानकारी सामने आई कि ट्रेन में संघ प्रमुख सवार हैं, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। रेलवे स्टाफ ने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद स्थानीय पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू की गई।
इस पूरे मामले की जांच मेरठ में आरपीएफ को सौंपी गई है। एक विशेष जांच टीम भी देर रात मेरठ पहुंची।
सुरक्षित पहुंचे मेरठ
घटना के बावजूद मोहन भागवत पूरी तरह सुरक्षित रहे। वे रात करीब 9 बजे मेरठ स्टेशन पर कड़ी सुरक्षा के बीच उतरे और वहां से शताब्दीनगर स्थित माधवकुंज पहुंचे, जहां उनका ठहराव है।
वे 20-21 फरवरी को मेरठ में दो दिवसीय संवाद कार्यक्रम में शामिल होंगे, जिसमें खिलाड़ियों और प्रबुद्ध जनों से संवाद करेंगे।