कृष्ण जन्मभूमि विवाद: पाकिस्तान से आई धमकी, पक्षकार की जान को खतरा, हाईकोर्ट को उड़ाने की धमकी
मथुरा के प्रसिद्ध श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद में नया मोड़ आया है। मामले के पक्षकार को व्हाट्सएप के जरिए पाकिस्तान से धमकी भरा संदेश मिला है। धमकी में कहा गया है कि अदालत की सुनवाई में शामिल होने पर जान से मार दिया जाएगा। इसके साथ ही, प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है।
क्या है मामला?
श्री कृष्ण जन्मभूमि का मामला मथुरा की अदालत में चल रहा है, और इसकी अगली सुनवाई 19 नवंबर को निर्धारित है। हिंदू पक्षकार न्याय की उम्मीद में कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान से आए इस धमकी भरे संदेश ने उन्हें और उनके समर्थकों को सकते में डाल दिया है।
धमकी का संदेश
व्हाट्सएप के जरिए आए इस संदेश में लिखा गया है कि यदि पक्षकार अदालत की कार्यवाही में शामिल होते हैं, तो उनकी जान ले ली जाएगी। यही नहीं, आरोपी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी देते हुए पूरे मामले में डर और तनाव का माहौल पैदा करने की कोशिश की है।
प्रशासन की कार्रवाई
धमकी मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, धमकी भेजने वाले का पता लगाने के लिए साइबर सेल सक्रिय हो गया है। धमकी पाकिस्तान से आई है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
अदालत की सुरक्षा बढ़ाई गई
इलाहाबाद हाईकोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। मथुरा और प्रयागराज दोनों स्थानों पर पुलिस तैनाती बढ़ा दी गई है।
धमकी का उद्देश्य
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की धमकियों का उद्देश्य हिंदू पक्षकारों को डराकर न्याय प्रक्रिया को बाधित करना है। लेकिन पक्षकारों ने स्पष्ट किया है कि वे इन धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
सरकार का रुख
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह मामले की हर पहलू से जांच करें और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।
आगामी सुनवाई से पहले यह धमकी सुरक्षा और न्याय प्रक्रिया के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। हिंदू पक्षकारों ने न्यायपालिका और प्रशासन पर भरोसा जताया है और न्याय पाने की अपनी उम्मीद को बरकरार रखा है।