कहानी बलिया की IAS शक्ति दुबे इस वक्त पूरे देश में चर्चा का विषय
बलिया की शक्ति दुबे की प्रेरणादायक कहानी, जिन्होंने पांचवे प्रयास में यूपीएससी की टॉप परीक्षा पास की। जानिए उनकी कठिन संघर्ष, सफलता के मंत्रा और यूपीएससी परीक्षा में टॉप करने के लिए जरूरी टिप्स। उनकी मेहनत और जज्बे से प्रेरित होकर कई लोग आज यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। The story of Ballia IAS Shakti Dubey is a topic of discussion across the country right now
कहानी बलिया की IAS शक्ति दुबे इस वक्त पूरे देश में चर्चा का विषय
पांचवा अटेमप्ट एक बार प्रीलिम्स नहीं निकला दूसरी बार भी प्रीलिम्स नहीं निकला तीसरी बार भी प्रीलिम्स नहीं निकला चौथी बार इंटरव्यू तक पहुंची 12 नंबर से मामला रुकग या लेकिन कहते हैं ना भैया कि यह बागी बलिया की धरती है जो कमाल करती है वो गांव जहांसे एक सिपाही अपनी बेटी के सपनों के साथ शहर निकलता है और एक बेटी जो एक दिन आईएएस बनती है आईएएस नहीं बनती है सिर्फ यूपीएससी यानी यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन इसकी परीक्षा को टॉप करती है हम आपको बताने जा रहे हैं
The story of Ballia IAS Shakti Dubey is a topic of discussion across the country right now
कहानी शक्ति दुबई जी हां बलिया की शक्ति दुबे इस वक्त पूरे देश में चर्चा का विषय है लोग जानना चाह रहे हैं कि कैसे उन्होंने आईएएस बनने के लिए टॉपकी परीक्षा क्या है मंत्रा सक्सेस मंत्रा क्या है लेकिन जरा हम आपको कहानी बताते हैं कि बलिया के गांव से निकलकर टॉप करनेकी कहानी है दरअसल हो सकता है कि सोशल मीडिया पे आपने भी पढ़ा हो कि शक्ति दुबे प्रयागराज की रहने वाली है उनका जो मूलनिवास है वो है बलिया बलिया का पोस्ट रामपुर गांव दोकती बाजिदपुर जी हां यह वोगांव है इसकी दिल चस्प कहानी है कि यहीं देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद जिन्हें लोग राजेंद्र बाबू भी कहते थे उनका ससुराल भी है पांच भाई हैं राम कृष्णदुबे भरत दुबे अरुण दुबे और देवेंद्र दुबेदे वेंद्र दुबे जिन्हें लोग प्यार सेमुन्ना दुबे भी गांव में कहते हैं वह सिपाही के पद पर उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती होते हैं और उसके बाद उनकी बेटी शक्ति दुबे तैयारी करती हैं इलाहाबाद में होती है पढ़ाई
इलाहाबाद में बीएससी करती हैं टॉप करती हैं और उसके बाद पोस्टग्रेजुएशन के लिए वाराणसी जाती हैं वहांभी टॉप करती हैं गोल्ड मेडलिस्ट बनती हैंऔर उसके बाद तैयारी शुरू होती है यूपीएससी परीक्षा की हालांकि वह अपने परिवार कीपहली अफसर नहीं है उससे पहले उनके बड़े पिता अरुण दुबे के बेटे विक्रांत द्विवेदी भी इलाहाबाद में डीएसपी हैं शक्ति तीन अटेम्प्ट में तो प्रीलिम्स क्वालीफाई नहीं कर पाती चौथे में 12 नंबर से इंटरव्यू रुक जाता है तब भाई यह कहता है कि अगली बार तुम टॉप करोगी मैंने हमेशा सेही सोचा था लास्ट ईयर भी जब मैंने इंटरव्यू के बाद आई मिस द कट ऑफ बाय 12मार्क्स उसने यही कहा था कि तुम चिंता मतकरो तुम फिर से लिख जाओगी यू विल अगेनक्लियर इट और तुम्हें भगवान ने रैंक वन केलिए ही बचा के रखा है
एंड आई थिंक आज उसकी बात सच भी हो गई कहीं ना कहीं और यह भविष्यवाणी सही होती है जब अगली बारी परीक्षा की बारी आती है यानी पांचवा अटेम्प्ट आता है तब शक्ति जो है वह टॉपकरती है दिल्ली रहकर वो तैयारी करती हैं दिल्ली से वो पढ़ाई करती हैं और उसके बाद कहती हैं कि जब रिजल्ट आता है तो उनको भरोसा नहीं हो रहा था कि क्या हमने टॉप करदिया है उन्होंने अपने संस्थान को फोनकिया कि क्या यह मैं ही हूं जिसका यह रोल नंबर है तो संस्थान यानी जिस कोचिंग संस्थान से वो तैयारी कर रही थी उन्होंने बोला कि हां जी भाई आप ही हैं आप ही नेटॉप किया है वो शक्ति दुबे जिनके पिता देवेंद्र दुबे फिलहाल प्रयागराज जिसे लोग इलाहाबाद भी कहते हैं वहां स्थित हैं
वो सिपाही थे प्रमोट हो के अब दरोगा हो गएहैं लेकिन अब उनके घर में एक आईएएस बेटी है ये कहानी है शक्ति दुबे जो है वो जोलोग तैयारी कर रहे हैं जिनके सपने हैंउनके लिए भी कुछ कह रही है बहुत ही मिनिमम नंबर ऑफ बुक लिस्ट होनी चाहिए प्रीविय सईयर क्वेश्चंस और सिलेबस का हमेशा गाइडें सलेकर चलना चाहिए एंड आई थिंक इनफ नंबर ऑफमॉक्स प्रैक्टिस करना भी बहुत जरूरी है सोदैट यू गेट यूज्ड टू द एग्जाम कंडीशंस जो यूपीएससी को रिक्वायर्ड तो फिलहाल शक्ति ने टॉप किया है चर्चा उनकी है आपको यह स्टोरी कैसी लगी है हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं देखते रह
The inspiring story of Shakti Dubey from Ballia, who topped the UPSC exam in her fifth attempt. Learn about her struggles, success mantras, and essential tips for clearing the UPSC exam. Her dedication and perseverance are motivating many aspiring candidates to pursue UPSC preparation today.