पाकिस्तान के आतंकी चेहरे को बेनकाब करने के लिए 33 देशों की यात्रा करेगा संसदीय दल
पाकिस्तान के आतंकी चेहरे को बेनकाब करने के लिए 33 देशों की यात्रा करेगा संसदीय दल, पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद आपरेशन सिंदूर की जरूरत के बारे में अवगत कराएगा पाक के मित्र देशों तुर्किये, चीन और अजरबेजान को समझाने की नहीं होगी कोशिश, वहां नहीं जाएगा दल
पाकिस्तान के आतंकी चेहरे को बेनकाब करने के लिए 33 देशों की यात्रा करेगा संसदीय दल
पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद आपरेशन सिंदूर की जरूरत के बारे में अवगत कराएगा पाक के मित्र देशों तुर्किये, चीन और अजरबेजान को समझाने की नहीं होगी कोशिश, वहां नहीं जाएगा दल
भारतीय सांसदों का दल अगले कुछ दिनों में 33 देशों का दौरा करेगा और वहां के सांसदों, सरकार के प्रतिनिधियों, मीडिया, थिंक टैंकों व आमजन से मिलकर न सिर्फ पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद आपरेशन सिंदूर की जरूरत के बारे में उन्हें जानकारी देगा बल्कि पाकिस्तान के आतंकी चेहरे को भी करेगा। इस दल में विभिन्न पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ विदेश मंत्रालय के कुछ पुराने और अनुभवी राजनयिक भी शामिल हैं। सात हिस्सों में बंटी इस टीम का दौरा 23 मई से शुरू होगा और तीन जून को समाप्त होगा। इस यात्रा के दौरान यह सुनिश्चित किया गया है कि भारतीय दल उन देशों का दौरा नहीं करेगा, जिन्होंने आपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की मदद की। इस प्रकार, तुर्किये, चीन और अजरबैजान जैसे देशों को इस दौरे से बाहर रखा गया है।
विदेश मंत्रालय की तरफ से दो गई जानकारी के मुताबिक उन देशों को खास तौर पर तवज्जो दी गई है जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के सदस्य हैं। देखा जाए तो यूएनएससी के पांच स्थायी सदस्यों में से चीन को छोड़ कर अन्य चारों देश अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और रूस का दौरा भारतीय प्रतिनिधिमंडल करेगा। इसी तरह से 10 अस्थायी सदस्यों में से पाकिस्तान और सोमालिया को छोड़कर मौजूदा अन्य आठ अस्थायी सदस्य देशों अल्जीरिया, डेनमार्क, दक्षिण कोरिया, सिपेरा लियौन, गुयाना, पनामा, स्लोवेनिया और ग्रीस की यात्रा पर भारतीय दल जाएगा। सनद रहे कि पहलगाम हमले के बाद भी पीएम नरेन्द्र मोदी ने चीन के अलावा यूएनएससी के अन्य स्थायी सदस्यों के प्रमुखों
से टेलीफोन पर बात की थी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी 10 अस्थायी सदस्यों में पाकिस्तान को छोड़कर अन्य नौ सदस्यों के विदेश मंत्रियों के साथ विमर्श किया था।
ओआइसी में शामिल देशों का भी दौरा करेगा प्रतिनिधिमंडल
भारतीय दल इस्लामिक देशों के सगठन (ओआइसी) के कई सदस्य देशी की यात्रा करेगा, जिनमें कुवैत, बहरीन, सऊदी अरब, इडोनेशिया, मलेशिया, यूएई, कतर और मिस शामिल है। इन देशों के साथ भारत के पारंपरिक रिश्ते हैं। पहलगाम हमले के समय प्रधानमंत्री मोदी सऊदी अरब की यात्रा पर थे। सऊदी अरब पाकिस्तान का भी मित्र है, लेकिन तब उसने न सिर्फ इस हमले की कड़े शब्दों में निदा की थी बल्कि आतंकवाद के खिलाफ लठाई में भारत की मदद की पेशकश भी की थी। बाद में ओआइसी ने आपरेशन सिंदूर के खिलाफ एक बयान भी जारी किया। ऐसे में भारत ओआइसी को सीमा पार आतंकवाद को लेकर एक बार फिर जानकारी देगा।