धुंध की जहरीली चादर में 'गायब' हो गए ताजमहल से लेकर स्वर्ण मंदिर
एनसीआर में प्रदूषण गंभीर श्रेणी में, आज से ग्रेप तीन नई दिल्लीः एनसीआर में शुक्रवार से ग्रेप का तीसरा चरण लागू हो जाएगा। इसके तहत निर्माण व ध्वस्तीकरण से जुड़े कार्यों पर रोक रहेगी। निर्माण सामग्री ढोने वाले वाहन नहीं चलेंगे। बीएस तीन पेट्रोल व बीएस चार डीजल वाहनों पर रोक रहेगी। पांचवी कक्षा तक के बच्चों को स्कूल नहीं आना होगा। वे आनलाइन पढ़ाई करेंगे।
उत्तर भारत में गहराते वायु प्रदूषण का आलम यह है कि गुरुवार को धुंध (स्माग) की जहरीली चादर में पंजाब के मशहूर स्वर्ण मंदिर, दिल्ली के इंडिया गेट से लेकर उत्तर प्रदेश का विश्व प्रसिद्ध ताजमहल तक 'गायब' सा हो गया। इनके साथ ही विख्यात स्थलों के दीदार की आस लेकर पहुंचे सैलानी निराश हो गए। धुंध इतनी गहरी थी कि दिल्ली में उड़ानों में देरी के चलते हवाई अड्डे पर मुसाफिर परेशान हुए और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) लगातार दूसरे दिन 400 से ऊपर गंभीर श्रेणी में बना रहा। वहीं, धुंध के जहर ने बच्चों से लेकर बुजुगाँ तक को तकलीफ पहुंचाई और अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी। सर्दियों की शुरुआत, धूल व धुएं ने पाकिस्तान के लाहौर शहर को दुनिया का सर्वाधिक प्रदूषित शहर बना दिया।
एनसीआर में प्रदूषण गंभीर श्रेणी में, आज से ग्रेप तीन
नई दिल्लीः एनसीआर में शुक्रवार से ग्रेप का तीसरा चरण लागू हो जाएगा। इसके तहत निर्माण व ध्वस्तीकरण से जुड़े कार्यों पर रोक रहेगी। निर्माण सामग्री ढोने वाले वाहन नहीं चलेंगे। बीएस तीन पेट्रोल व बीएस चार डीजल वाहनों पर रोक रहेगी। पांचवी कक्षा तक के बच्चों को स्कूल नहीं आना होगा। वे आनलाइन पढ़ाई करेंगे।
स्वर्ण मंदिर के पास गुरुवार को एक्यूआइ 318 रहा और शुक्रवार को गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व होने के चलते गुरुवार को करीब सवा लाख श्रद्धालु माथा टेकने अमृतसर पहुंचे, पर पवित्र कुंड के बाहर से यह धुंधला ही दिखा। आगरा स्थित ताजमहल के बगीचे में खड़े होकर भी इसे देखना मुश्किल था।
इसके सामने तस्वीर खिंचाने की लोगों की हसरत पूरी ना हो सकी। हालांकि शाम तक 26 हजार पर्यटक यहां पहुंचे। मौसम विज्ञानियों ने बताया कि दिल्ली का न्यूनतम तापमान बुधवार के 17 डिग्री सेल्सियस की तुलना में कम होकर गुरुवार को 16.1 डिग्री पर पहुंच गया। इससे बुधवार के 491 एक्यूआइ के बाद गुरुवार को यह 494 पर रहकर गंभीर श्रेणी में बना रहा। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार को भी प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में बने रहने की संभावना है, जिसके बाद यह 300- 400 के बीच की बेहद खराब श्रेणी में पहुंच सकता है। यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या में भी कमी आ सकती है। यहां प्रतिदिन लगभग 85 हजार पर्यटक पहुंचते हैं। दिल्ली में कुतुबमीनार, लाल किला, इंडिया गेट, हुमायूं का मकबरा, अक्षरधाम, लोटस टेंपल सहित कई प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। उड़ानों का लेखा-जोखा रखने वाली वेबसाइट फ्लाइटराडार 24 ने धुंध से उत्तर प्रदेश और राजस्थान में धुंध के चलते अस्पतालों में मरीजों में अचानक बढ़ौतरी देखने को मिली। इनमें एलर्जी, अस्थमा, खांसी, जुकाम जैसी परेशानियों से जूझते बच्चे सफर पर पड़ी परेशानी दिखाई। इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर उड़ने वाली 88 प्रतिशत और उतरने वाली 54 प्रतिशत उड़ानों में देरी हुई। अधिकारियों ने धुंध के पीछे आद्रता, स्थिर हवा और तापमान की गिरावट को वजह बताया, जिससे हवाई अड्डे पर दृश्यता कम होकर 300 मीटर वहीं, इस प्रदूषण के एक प्रमुख कारण बने पराली जलाने के मामलों में कमी होती नजर नहीं आ रही। मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार सोमवार को उत्तर भारत में पराली जलाने 1200 मामलों के बाद बुधवार को यह आंकड़ा लगभग
दोगुना होकर 2300 पर पहुंच गया।
गंभीर चिंता का विषय बनी दिल्ली की जहरीली हवा
बाकूः अजरबैजान के बाकू में आयोजित जलवायु सम्मेलन काप- 29 में गुरुवार को विशेषज्ञों ने दिल्ली की जहरीली हवा पर चिंता जताई। विशेषज्ञों ने कहा, भारत अपनी क्षमता का उपयोग करते हुए अल्पकालिक जलवायु प्रदूषकों (एसएलसीपी) से निपटे।