सुंजय कपूर की मौत के बाद परिवारिक कलह: बहन मंधिरा का बड़ा आरोप – “मां से जबरन कागज़ों पर साइन कराए गए”
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सुंजय कपूर की मौत के बाद परिवारिक कलह: बहन मंधिरा का बड़ा आरोप – “मां से जबरन कागज़ों पर साइन कराए गए”
दिल्ली।
बिज़नेस टायकून और सोना कॉमस्टार के चेयरमैन सुंजय कपूर (करिश्मा कपूर के पूर्व पति) का निधन जून में 53 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से हुआ। उनके अचानक चले जाने के बाद परिवार न केवल गहरे सदमे में है, बल्कि अब विरासत और कानूनी विवादों में भी उलझ गया है।
सुंजय कपूर की बहन मंधिरा कपूर ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके भाई की पत्नी प्रिया सचदेव और कुछ लोगों ने उनकी मां को अलग-थलग कर दिया और शोक के दिनों में ही उनसे कानूनी कागज़ों पर साइन कराए।
“मां दरवाजे के पीछे अकेली थीं, मैं बाहर रोती-बिलखती खड़ी थी” – मंधिरा
मंधिरा ने मीडिया को बताया –
“मेरी मां को बंद कमरे में कागज़ों पर साइन कराए गए। ये एक बार नहीं, बल्कि दो बार हुआ। मैं दरवाजे पर खटखटा रही थी, लेकिन मां तक मेरी आवाज़ ही नहीं पहुंची। वो गहरे शोक में थीं। बाद में उन्होंने खुद आकर कहा – ‘मुझे नहीं पता मैंने कौन से कागज़ साइन किए।’ तब से हम पूछ रहे हैं लेकिन हमें कोई जवाब नहीं मिल रहा।”
उनका कहना है कि बार-बार मांगने के बावजूद परिवार को वे दस्तावेज़ नहीं दिखाए जा रहे। यहां तक कि उनकी मां को कहा गया कि उनका ईमेल हैक हो गया है, इसलिए उन्हें कागज़ नहीं भेजे जा सकते।
मां की आवाज़ अनसुनी, प्रिया से कोई जवाब नहीं
मंधिरा ने कहा कि उनकी मां ने सीधे प्रिया सचदेव से उन दस्तावेज़ों की कॉपी मांगी थी। शुरुआत में प्रिया ने वादा किया कि कागज़ भेज देंगी, लेकिन आज तक कुछ नहीं मिला।
प्रिया सचदेव इस समय सोना कॉमस्टार में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं।
“भाई से झगड़ा था, पर 40 साल का रिश्ता यूं मिट नहीं सकता”
मंधिरा और सुंजय कपूर के रिश्ते कभी मधुर नहीं रहे थे। लेकिन अब मंधिरा अपनी मां के लिए खड़ी हो गई हैं। उन्होंने कहा –
“हाँ, भाई और बहन में झगड़ा था। लेकिन क्या वो 40 साल का रिश्ता मिटा देता है? मैं डॉ. कपूर की बेटी हूँ, और अपनी मां के लिए क्यों नहीं लड़ूँगी? और ये लोग कौन हैं जो आकर दावा कर रहे हैं?”
“मैं संपत्ति के लिए नहीं, बल्कि विरासत के लिए लड़ रही हूँ”
मंधिरा ने यह भी साफ किया कि वह अपने भाई की संपत्ति में हिस्सेदारी लेने के लिए नहीं लौटीं।
“लोग कहते हैं मेरा बिज़नेस ठीक नहीं चल रहा। कौन कह रहा है? हर दिन मेरे बारे में नई बातें गढ़ी जा रही हैं। मैं विरासत के लिए लड़ रही हूँ, न कि पैसे के लिए। जब आप किसी चीज़ को बनाते हैं, तो उससे भावनात्मक जुड़ाव होता है। बाहर से देखने वाले सिर्फ उसकी कीमत देखते हैं। हमारे लिए ये एक धरोहर है।”
सुंजय कपूर की मौत के बाद परिवार में उठे ये विवाद दिखाते हैं कि किस तरह धन और विरासत के मुद्दे रिश्तों को और भी उलझा देते हैं। एक मां, जो अपने बेटे के ग़म में डूबी है, अगर उसी वक्त कानूनी दस्तावेज़ों के बोझ तले दब जाए, तो ये न सिर्फ अमानवीय है बल्कि रिश्तों की नींव पर भी सवाल खड़े करता है।