बंगाल के 40,000 बूथों पर अब तक नहीं हुई है बीएलओ की नियुक्ति
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बंगाल के 40,000 बूथों पर अब तक नहीं हुई है बीएलओ की नियुक्ति
कोलकाताः बंगाल के 40,000 बूथों पर अब तक बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) की नियुक्ति नहीं हुई है। राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में संशोधन के प्राथमिक कार्य के लिए बीएलओ की नियुक्ति जरुरी है। इसे देखते हुए चुनाव आयोग ने बंगाल सरकार को उसके पांच लाख से अधिक कर्मचारियों की सूची भेजी है, जिन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान ड्यूटी की थी।
सूत्रों के हवाले से खबर है कि बंगाल सरकार को कर्मचारियों की कमी के कारण इस मानदंड को पूरा करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। खबर है कि जरुरत पड़ने पर राज्य सरकार आंगनबाड़ी की कर्मियों व ठेका आधार पर काम करने वाले शिक्षकों की बीएलओ के तौर पर नियुक्ति कर सकती है।
उधर, बंगाल भाजपा की महासचिव व आसनसोल दक्षिण से विधायक अग्निमित्रा पाल ने तृणमूल सरकार को घेरते हुए कहा कि बीएलओ नियुक्त नहीं करने के पीछे राजनीतिक कारण हैं। तृणमूल सरकार बिहार में मतदाता सूची के गहन सत्यापन कार्य से डर गई है। उसे बांग्लादेशी घुसपैठियों व रोहिंग्या के नाम मतदाता सूची से बाहर होने का डर सता रहा है, जो उसके वोट बैंक हैं।