‘प्रहार’ – उभरते आतंकी खतरों से निपटने के लिए नई राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति और रणनीति

नई दिल्ली। भारत सरकार ने आतंकवाद के विरुद्ध सशक्त राष्ट्रीय नीति ‘प्रहार’ जारी की है। नीति जारी कर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है। गृह मंत्रालय द्वारा घोषित पहली राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी नीति देश की सामूहिक इच्छाशक्ति, दृढ़ नेतृत्व और सुरक्षा तंत्र की व्यापक तैयारियों का सशक्त दस्तावेज है। […] The post ‘प्रहार’ – उभरते आतंकी खतरों से निपटने के लिए नई राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति और रणनीति appeared first on VSK Bharat.

Feb 27, 2026 - 08:41
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‘प्रहार’ – उभरते आतंकी खतरों से निपटने के लिए नई राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति और रणनीति

नई दिल्ली।

भारत सरकार ने आतंकवाद के विरुद्ध सशक्त राष्ट्रीय नीति ‘प्रहार’ जारी की है। नीति जारी कर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है। गृह मंत्रालय द्वारा घोषित पहली राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी नीति देश की सामूहिक इच्छाशक्ति, दृढ़ नेतृत्व और सुरक्षा तंत्र की व्यापक तैयारियों का सशक्त दस्तावेज है। आठ पृष्ठों में समाहित यह नीति आने वाले समय में आतंक के हर षड्यंत्र पर सटीक और प्रभावशाली कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त करती है।

‘प्रहार’ का अर्थ है समय पर सटीक और प्रभावशाली वार। नाम संकेत देता है कि अब आतंकवाद की हर चुनौती का उत्तर संगठित, संतुलित और तीव्र कार्रवाई से दिया जाएगा। नीति में स्पष्ट कहा गया है कि भारत आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता के सिद्धांत पर अडिग है। किसी भी प्रकार के आतंकी कृत्य को किसी धार्मिक, जातीय या वैचारिक आधार पर उचित नहीं ठहराया जा सकता।

नीति के प्रारंभ में उल्लेख है कि कुछ पड़ोसी देशों ने आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति के रूप में अपनाया है। इसके बावजूद भारत आतंकवाद को किसी धर्म या समुदाय से जोड़कर नहीं देखता। यह दृष्टिकोण भारत की सभ्यता, लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आतंकवाद मानवता के विरुद्ध अपराध है और उससे निपटना राष्ट्रीय दायित्व है।

डिजिटल युग में आतंकवाद का स्वरूप तेजी से बदला है। आतंकी संगठन इंटरनेट, सोशल मीडिया और त्वरित संदेश सेवा मंचों का उपयोग संपर्क, भर्ती, प्रचार और धन जुटाने के लिए कर रहे हैं। एन्क्रिप्शन, डार्क वेब और क्रिप्टो वॉलेट जैसी तकनीकों का दुरुपयोग सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौती प्रस्तुत करता है। ‘प्रहार’ नीति इन चुनौतियों से निपटने के लिए खुफिया तंत्र को आधुनिक बनाने, साइबर निगरानी को सुदृढ़ करने और वास्तविक समय में सूचना साझा करने की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर देती है।

विदेशी धरती से संचालित आतंकी नेटवर्क द्वारा भारत में हिंसा फैलाने की साजिशों का भी नीति में स्पष्ट उल्लेख है। ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से पंजाब और जम्मू-कश्मीर में हथियार और नशीले पदार्थ पहुंचाने के प्रयास किए गए। इस पर अंकुश लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बलों को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है। जल, थल और नभ तीनों सीमाओं पर सतर्कता बढ़ाई गई है। सीमाओं की निगरानी प्रणाली को तकनीकी दृष्टि से और अधिक सशक्त किया जा रहा है।

साथ ही आतंकी संगठनों और संगठित आपराधिक गिरोहों के गठजोड़ पर विशेष ध्यान दिया गया है। लॉजिस्टिक सहयोग, भर्ती और वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए बहु-स्तरीय रणनीति अपनाई जाएगी। विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने, संयुक्त अभियान चलाने और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान की व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है।

नीति की आधारशिला खुफिया तंत्र है। मल्टी एजेंसी सेंटर विभिन्न एजेंसियों के बीच सूचना समन्वय का प्रमुख मंच है। इंटेलिजेंस ब्यूरो के अंतर्गत कार्यरत जॉइंट टास्क फोर्स ऑन इंटेलिजेंस देशभर में वास्तविक समय की खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का दायित्व निभाती है। इन संस्थागत व्यवस्थाओं से आतंकी नेटवर्क पर पैनी निगाह रखी जाएगी और किसी भी साजिश को प्रारंभिक चरण में ही विफल करने का लक्ष्य रखा गया है।

समाज की भागीदारी से सशक्त रणनीति

नीति में स्पष्ट किया गया है कि आतंकवाद से निपटने के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। जागरूक नागरिक, सतर्क समुदाय और सक्षम प्रशासन मिलकर आतंकवाद की जड़ों को कमजोर कर सकते हैं। कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाली परिस्थितियों को कम करना और युवाओं को सकारात्मक दिशा देना दीर्घकालिक रणनीति का महत्वपूर्ण भाग है।

नागरिक सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी नीति का मुख्य उद्देश्य भारतीय नागरिकों और देश के हितों की रक्षा करना है। खतरे की प्रकृति के अनुसार तीव्र और संतुलित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। मानवाधिकारों और विधि आधारित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कार्रवाई की जाएगी, ताकि सुरक्षा और न्याय के बीच संतुलन बना रहे। वहीं, इसमें महत्वपूर्ण अवसंरचना की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। बिजली संयंत्र, रेलवे नेटवर्क, विमानन क्षेत्र, बंदरगाह, रक्षा प्रतिष्ठान, अंतरिक्ष कार्यक्रम और परमाणु ऊर्जा से जुड़े संस्थान राष्ट्रीय शक्ति के आधार हैं। इन क्षेत्रों की सुरक्षा क्षमता को और अधिक मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।

साथ ही वैश्विक स्तर पर सक्रिय आतंकी संगठनों से उत्पन्न खतरे को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। भारत आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाएगा और साझेदार देशों के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान सुदृढ़ करेगा। रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल, परमाणु, विस्फोटक और डिजिटल सामग्री तक आतंकियों की पहुंच रोकना बड़ी चुनौती माना गया है, जिसके लिए विशेष सुरक्षा तंत्र विकसित किया जा रहा है।

सुरक्षित भविष्य की ओर अग्रसर भारत

कहना होगा कि आज प्रत्येक भारतीय यह विश्वास कर सकता है कि उसकी सुरक्षा के लिए व्यापक और दूरदर्शी रणनीति तैयार है। ‘प्रहार’ उस सशक्त भारत की पहचान है जो शांति और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ते हुए हर साजिश का सामना करने में सक्षम है। हम उम्‍मीद करें कि एकजुट भारत, सजग भारत और आत्मविश्वासी भारत ही आतंकवाद पर अंतिम विजय सुनिश्चित करेगा।

डॉ. मयंक चतुर्वेदी

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